रायसेन में युवती से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी, 8-9 महीनों से कर रहा था आरोपी परेशान, केस दर्ज

रायसेन जिले के बरेली थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी नीरज राजपूत पिछले 8-9 महीनों से उसे लगातार परेशान कर रहा था और 23 अप्रैल को उसके घर पहुंचकर अभद्रता व धमकी दी।

रायसेन में युवती से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी, 8-9 महीनों से कर रहा था आरोपी परेशान, केस दर्ज

राजेंद्र सिंह राजपूत 

 रायसेन जिले में युवती से छेड़छाड़ और धमकी का मामला दर्ज, आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस

20 वर्षीय युवती ने बरेली थाने में दर्ज कराई शिकायत

आरोपी नीरज राजपूत लंबे समय से बना रहा था बात करने का दबाव

रायसेन (मध्य प्रदेश)मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के बरेली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में 20 वर्षीय युवती के साथ लगातार छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लगातार परेशान कर रहा था आरोपी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ग्राम अमरिया की निवासी है और उसकी उम्र लगभग 20 वर्ष बताई जा रही है। युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी नीरज राजपूत पिछले 8 से 9 महीनों से उसे लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी बार-बार उससे संपर्क करने की कोशिश करता था और उससे बात करने के लिए दबाव बनाता था।

पीड़िता के अनुसार, जब भी वह आरोपी की बातों को नजरअंदाज करती या उससे बात करने से मना करती, तो आरोपी उसे अपशब्द कहता और उसे बदनाम करने की धमकी देता था। इस वजह से युवती लंबे समय से मानसिक तनाव में थी, लेकिन सामाजिक दबाव और भय के कारण उसने पहले शिकायत दर्ज नहीं कराई।

घटना वाले दिन घर पहुंचा आरोपी

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 10 बजे आरोपी उसके घर पहुंच गया। उस समय युवती अपने घर पर ही मौजूद थी। आरोपी ने जबरन उससे बातचीत करने की कोशिश की और मना करने पर उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

युवती ने जब विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और साथ ही उसे बदनाम करने की भी चेतावनी दी। इस दौरान आरोपी का व्यवहार बेहद आक्रामक था, जिससे युवती घबरा गई। घटना के बाद परिवार के लोगों ने उसे संभाला और तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया।

पहले भी कई बार रास्ते में रोका

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि यह पहली घटना नहीं है। आरोपी पहले भी कई बार उसे रास्ते में रोककर परेशान कर चुका है। स्कूल, बाजार या अन्य स्थानों पर जाते समय आरोपी उसका पीछा करता था और उससे जबरदस्ती बातचीत करने की कोशिश करता था।

इन घटनाओं के चलते युवती की दिनचर्या प्रभावित हो गई थी। उसने बाहर निकलना कम कर दिया था और हमेशा डर के माहौल में जी रही थी। परिवार ने भी कई बार आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने बरेली थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी नीरज राजपूत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

इन धाराओं में शामिल हैं:

धारा 78(2) – छेड़छाड़ से संबंधित प्रावधान

धारा 79 – महिला की गरिमा का अपमान

धारा 351(3) – आपराधिक धमकी

धारा 296(b) – अशोभनीय आचरण/अभद्र भाषा

धारा 3(5) – सामान्य अपराधों के लिए लागू प्रावधान

पुलिस ने बताया कि इन धाराओं के तहत आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जांच अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक नेहा अहिरवार को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

पीड़िता को मिला चिकित्सकीय उपचार

घटना के बाद पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, युवती मानसिक रूप से काफी आहत है और उसे भावनात्मक सहारे की जरूरत है। पुलिस ने भी पीड़िता को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोपी पहले की घटनाओं में ही सख्ती से रोका जाता, तो शायद यह स्थिति नहीं बनती।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और ऐसे आरोपियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे को सामने लाती है। लगातार बढ़ रही छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि समाज में अभी भी महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता भी जरूरी है। परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला संबंधित अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास इस तरह की कोई घटना होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रायसेन जिले में सामने आया यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह समाज के सामने एक गंभीर चुनौती भी है। एक युवती को लंबे समय तक मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न झेलना पड़ा, जो यह दर्शाता है कि हमें महिलाओं की सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग होने की आवश्यकता है।

प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और आरोपी को उसके कृत्य की सजा जरूर मिलेगी। साथ ही, यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार का अपराध न केवल कानूनन दंडनीय है, बल्कि नैतिक रूप से भी अस्वीकार्य है।