कमलनाथ का मोहन सरकार पर तीखा हमला: बोले,जनता से विश्वासघात का बजट —पिछली घोषणाओं का हिसाब दो
मध्य प्रदेश बजट 2026-27 पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश प्रस्तावों को जनता से विश्वासघात बताया। उन्होंने एमएसपी, लाड़ली बहना, गैस सिलेंडर व केंद्र हिस्सेदारी पर सरकार को घेरा और वादा-खिलाफी का कड़ा आरोप लगाया।
एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ने मोहन यादव सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल पूछे हैं.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता कमल नाथ ने राज्य में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया दी है. बता दें एमपी के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश का 4 लाख 38 हज़ार 317 करोड़ का कुल पेश किया है.
पूर्व सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है. वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है. नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए. प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया.
कमलनाथ ने याद दिलाए ये वादे
उन्होंने बीजेपी सरकार को उसके वादे याद दिलाते हुए लिखा कि विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह इस प्रकार हैं: किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटलकिसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटललाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपयाघरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में.
कमलनाथ ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है. इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया.
कांग्रेस ने पूछे ये सवाल
उन्होंने लिखा कि वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है. इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हज़ार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया.
कांग्रेस नेता ने लिखा कि इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है.
जनता से विश्वासघात करने वाली सरकार
पूर्व सीएम ने लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है. इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है. इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया.’
केंद्र सरकार ने नहीं किया भुगतान
कमलनाथ ने आगे लिखा, ‘वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आखिर केंद्र सरकार से अगले पांच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हजार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है. इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हजार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया. इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है.’
विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर कांग्रेस विधायकों का हंगामा
विधानसभा में बजट के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि में बढ़ोतरी नहीं किए जाने के चलते हंगामा किया. विपक्षी नेताओं ने बजट भाषण पर सवाल उठाए. विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए. कांग्रेस विधायक मोहन यादव सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे थे. कांग्रेस नेताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है. उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार बजट में इस तरह घोषणाएं कर रही है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस