क्रूज हादसे में सख्त एक्शन -कई पर गिरी गाज,पायलट समेत 3 बर्खास्त:एक कर्मचारी सस्पेंड, बरगी डैम में 9 शव मिले, 3 बच्चों समेत 4 अब भी लापता

जबलपुर के बरगी डैम में तेज आंधी के चलते क्रूज डूबने से बड़ा हादसा हुआ, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 बच्चों समेत 4 लोग लापता हैं। 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद सीएम मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए पायलट समेत 3 कर्मचारियों को बर्खास्त और एक मैनेजर को निलंबित किया है, जबकि एक अधिकारी पर विभागीय जांच शुरू की गई है। खराब मौसम के कारण सर्च ऑपरेशन रोका गया, जिसे फिर से शुरू किया जाएगा।

क्रूज हादसे में सख्त एक्शन -कई पर गिरी गाज,पायलट समेत 3 बर्खास्त:एक कर्मचारी सस्पेंड, बरगी डैम में 9 शव मिले, 3 बच्चों समेत 4 अब भी लापता

बरगी डैम क्रूज हादसा: 9 की मौत, 4 अब भी लापता

सीएम मोहन यादव का सख्त एक्शन: पायलट समेत 3 बर्खास्त

एक मैनेजर निलंबित, रीजनल मैनेजर पर विभागीय जांच शुरू

तेज आंधी बनी हादसे की वजह, 74 किमी/घंटा रही हवा की रफ्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा अब प्रशासनिक सख्ती का बड़ा कारण बन गया है। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता हैं। प्रशासन और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं, हालांकि मौसम की बाधाओं के चलते शुक्रवार शाम को तलाश अभियान रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।

हादसे की पूरी तस्वीर

गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक तेज आंधी की चपेट में आ गया और कुछ ही पलों में अनियंत्रित होकर डूब गया। बताया जा रहा है कि उस समय हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिसने क्रूज को संतुलन खोने पर मजबूर कर दिया। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ, जिससे बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतें आईं।

क्रूज में कुल 43 से 47 लोग सवार बताए जा रहे हैं, जबकि आधिकारिक रूप से सिर्फ 29 लोगों के टिकट कटे थे। यह आंकड़ा प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। हादसे के तुरंत बाद SDRF और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

सीएम का सख्त एक्शन

घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कड़ा एक्शन लिया। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

इसके अलावा, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है। वहीं, रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे के जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

रेस्क्यू में आई मुश्किलें

हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू हुआ, लेकिन रात होते-होते तेज बारिश और अंधेरे ने ऑपरेशन को प्रभावित किया। बरगी सिटी के सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार, खराब मौसम के कारण गोताखोरों और SDRF टीम को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी वजह से शुक्रवार शाम को सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह 5 बजे से फिर शुरू किया जाएगा।

पायलट का बयान

हादसे के बाद क्रूज पायलट महेश पटेल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तूफान ने हालात बिगाड़ दिए। उनके मुताबिक, “क्रूज को संभालने का मौका ही नहीं मिला, सब कुछ बहुत तेजी से हुआ।” महेश को इस काम का करीब 10 साल का अनुभव बताया जा रहा है।

सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

इस हादसे ने पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना, मौसम की चेतावनी के बावजूद संचालन जारी रखना और आपातकालीन तैयारी में कमी जैसे मुद्दे अब जांच के केंद्र में हैं।

आगे की कार्रवाई और उम्मीद

सरकार ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है। वहीं, लापता लोगों की तलाश जारी है और उनके परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

बरगी डैम का यह हादसा न केवल एक बड़ी त्रासदी है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। अब सबकी नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई और लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद पर टिकी हैं।