उरई में डीएम राजेश कुमार पाण्डेय का सख्त एक्शन: 700 छूटे मकान कर दायरे में लाने के निर्देश, अधूरे कार्य समयबद्ध पूरे करें—देरी पर 10% एलडी क्लॉज लागू
उरई में राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास खंड कार्यालय और नगर पालिका परिषद कौंच का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। हाउस टैक्स वसूली में कमी पर नाराजगी जताते हुए 500–700 छूटे मकानों को तत्काल कर दायरे में लाने के निर्देश दिए। अधूरे निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने, देरी पर 10% लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू कर भुगतान में कटौती करने और लगातार लापरवाही पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी। गुणवत्ता में कमी मिलने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और 10 लाख तक की सड़कों का सत्यापन बाद ही कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए।
*छूटे 700 मकान कर दायरे में लाने, अधूरे कार्य समयबद्ध पूरा करने व देरी पर 10% एलडी क्लॉज लागू करने के निर्देश*
उरई । जनपद के विकास कार्यों और नगर व्यवस्थाओं को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज विकास खण्ड कार्यालय एवं नगर पालिका परिषद कौंच का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास खण्ड कौंच के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलभराव वाले क्षेत्रों में पक्की सड़क एवं दोनों ओर नाली निर्माण कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण तथा जनता दर्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु निर्देशित किया। खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई का समय निर्धारित कर उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कराया जाए। साथ ही राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी कार्यालय परिषर दीवार पर चस्पा कराई जाए, ताकि आमजन को योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
नगर पालिका परिषद कौंच के निरीक्षण के दौरान हाउस टैक्स वसूली लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खरीदी गई मशीनरी एवं सामग्री का पूर्ण उपयोग करते हुए नगर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने हेतु निर्देशित किया। निरीक्षण में लगभग 500 से 700 मकान कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को तत्काल सर्वे कर सभी छूटे मकानों को कर दायरे में लाने तथा संबंधित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने टेंडर मिलने के बाद निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों एवं संबंधित प्रभारी अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर स्पष्टीकरण भी तलब किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए। जिन निर्माण कार्यों में समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उनमें अनुबंधानुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू करते हुए बिल भुगतान में कटौती की जाए। भविष्य में प्रत्येक अनुबंध में डिले क्लॉज अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। लगातार लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जहां भी मानकों में कमी मिले, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित किया जाए। नगर विकास विभाग के शासनादेश के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराए जाने के बाद ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस