घर में लगी भीषण आग, तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत: राशन लेने गई थी मां, गांव में पसरा मातम

सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र के काशीहवा गांव में शनिवार दोपहर भीषण आग लगने से तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है।

घर में लगी भीषण आग, तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत: राशन लेने गई थी मां, गांव में पसरा मातम

सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कसिहवा गांव में गुरुवार दोपहर भीषण आग लग जाने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।

सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम काशीहवा में शनिवार दोपहर हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक कच्चे मकान में अचानक भीषण आग लगने से घर के अंदर मौजूद तीन मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है।

यह हादसा इतना भयावह था कि आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर मौजूद बच्चे बाहर नहीं निकल सके। जब तक ग्रामीण और प्रशासन मौके पर पहुंचते, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।

दोपहर करीब एक बजे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार घटना शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे की बताई जा रही है। ग्राम काशीहवा में रहने वाले रामरतन साकेत का परिवार अपने कच्चे मकान में रहता है। घटना के समय परिवार के मुखिया रामरतन मजदूरी करने के लिए सीधी शहर गए हुए थे, जबकि उनकी पत्नी राशन लेने के लिए घर से बाहर गई थीं।

बताया जा रहा है कि घर के बाहर ताला लगा हुआ था और अंदर तीन छोटे बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक घर के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन में स्पार्किंग हुई। ग्रामीणों के अनुसार बिजली तार से निकली चिंगारी पास में रखे बांस और अन्य ज्वलनशील सामग्री पर गिरी, जिससे आग भड़क उठी।

कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा कच्चा मकान लपटों से घिर गया।

घर में फंसे रह गए मासूम

आग लगने के समय घर के भीतर तीन छोटे बच्चे मौजूद थे। बाहर ताला लगा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। आग तेजी से फैलती गई और बच्चे उसी में फंस गए।

इस हादसे में डेढ़ वर्षीय रिधि साकेत, 6 वर्षीय धुम्मू उर्फ संध्या साकेत तथा 3 वर्षीय एक अन्य मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।

ग्रामीणों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई भी घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सका। देखते ही देखते पूरा घर जलकर राख हो गया।

मजदूरी पर गए थे पिता, फोन पर मिली सूचना

मृत बच्चों के पिता रामरतन साकेत ने बताया कि वह रोज की तरह मजदूरी करने सीधी शहर गए हुए थे। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर घर में आग लगने की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जब तक वह गांव पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। उनका घर जल चुका था और उनके तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।

पिता की आंखों में आंसू थे और वह बार-बार यही कह रहे थे कि कुछ देर पहले तक बच्चे घर में खेल रहे थे और अचानक सब खत्म हो गया।

राशन लेने गई थी मां

ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों की मां राशन लेने के लिए दुकान गई थी। घर बंद होने के कारण बच्चे अंदर ही रह गए थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

घटना के बाद मां की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। वह लगातार बेसुध हो रही है और अपने बच्चों को याद कर विलाप कर रही है। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन परिवार का दुख इतना बड़ा है कि पूरा गांव शोक में डूब गया है।

ग्रामीणों ने लगाया देरी का आरोप

हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और फायर ब्रिगेड पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि आग लगने की सूचना समय पर दे दी गई थी, लेकिन दमकल वाहन देर से पहुंचा।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो शायद नुकसान कम हो सकता था और बच्चों को बचाने की संभावना बन सकती थी।

हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ग्रामीणों की मदद से बुझाई गई आग

घटना की जानकारी मिलते ही जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया।

गांव के लोग बाल्टी, पानी और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने में जुटे रहे। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई गई, लेकिन तब तक घर पूरी तरह जल चुका था।

घटना स्थल पर सिटी कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अमला भी पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

कलेक्टर ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर विकास मिश्रा भी घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से घटना की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही पीड़ित परिवार को राहत सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट से आग लगने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया है। जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चल सकेगा।

फिलहाल पुलिस बिजली विभाग से भी जानकारी जुटा रही है कि जिस लाइन से स्पार्किंग हुई, उसकी स्थिति क्या थी और उसमें पहले कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं।

गांव में पसरा मातम

तीन मासूम बच्चों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव के लोग परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस घटना को गांव के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक बता रहे हैं।

बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। लोग लगातार यही सवाल कर रहे हैं कि अगर आग समय पर बुझ जाती या बचाव व्यवस्था जल्दी पहुंचती तो शायद इन मासूमों की जान बच सकती थी।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। लेकिन तीन मासूमों की मौत से जो खालीपन परिवार में आया है, उसे भर पाना संभव नहीं दिखता।