पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड:सुबह ही लाया गया था थाने, परिजन ने लगाए गंभीर आरोप

छतरपुर के राजनगर थाने में धारा 151 में गिरफ्तार आरोपी राजेश पटेल ने कथित रूप से बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।

पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड:सुबह ही लाया गया था थाने, परिजन ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के बाद से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना परिसर को सील कर दिया गया है। दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए हैं। परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे पीट-पीटकर मार डाला है।

छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस हिरासत में बंद एक आरोपी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राजेश पटेल निवासी ग्राम इमलिया के रूप में हुई है। उसे धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर थाने में रखा गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वह शौचालय जाने की बात कहकर बाथरूम में गया, जहां उसने फांसी लगा ली। उसे कब और किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया गया था, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। थाने के भीतर हुई इस घटना ने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।

देर रात छतरपुर एसपी अगम जैन ने जानकारी दी कि मामले की जांच मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। दो कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म हो गया।

मृतक के पिता किशोरी पटेल ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार सुबह 10 बजे दो पुलिसकर्मी (संजय कुमावत और शिवकुमार पाल) बिना किसी कारण के उनके बेटे को घर से उठाकर ले गए थे।

“पुलिसवाले बेटे को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। मैंने गांव वालों से पैसे उधार मांगकर व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन शाम को खबर मिली कि मेरे बेटे की मौत हो गई। उसकी मौत पिटाई से हुई है, उसने फांसी नहीं लगाई।”

महारानी कविता सिंह बोलीं- सीसीटीवी पब्लिक करे पुलिस

वहीं देर रात महारानी कविता सिंह राजनगर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- यदि थाने के अंदर किसी युवक ने आत्महत्या की है तो उस समय वहां मौजूद पुलिस स्टाफ क्या कर रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे क्या काम कर रहे थे। उनके फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे।

उन्होंने मांग की कि पूरे केस की मजिस्ट्रियल जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।