एसपी ऑफिस में युवक ने काटी हाथ की नस, मचा हड़कंप: झूठी FIR और पुलिस प्रताड़ना का लगाया आरोप, जांच में जुटा प्रशासन

छतरपुर में सोमवार को एसपी कार्यालय परिसर में एक युवक ने अपने हाथ की नस काट ली, जिससे हड़कंप मच गया। हरपालपुर निवासी शिवप्रताप सिंह राजपूत झूठी एफआईआर और पुलिस प्रताड़ना की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा था। शिकायत के दौरान वह शौचालय गया और वहां खुद को घायल कर लिया। पुलिस ने तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

एसपी ऑफिस में युवक ने काटी हाथ की नस, मचा हड़कंप: झूठी FIR और पुलिस प्रताड़ना का लगाया आरोप, जांच में जुटा प्रशासन

युवक ने SP ऑफिस के बाहर काटी हाथ की नस | जिला अस्पताल लेकर पहुंचे पुलिस के अधिकारी

छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर अपने हाथ की नस काट ली। घटना एसपी कार्यालय परिसर के भीतर हुई, जहां युवक अपनी शिकायत लेकर पहुंचा था। गंभीर स्थिति में उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान शिवप्रताप सिंह राजपूत के रूप में हुई है, जो हरपालपुर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। युवक का आरोप है कि उसके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर झूठी है और उसका परिवार लंबे समय से पुलिस प्रताड़ना का सामना कर रहा है। इसी शिकायत को लेकर वह सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचा था।

शिकायत देने पहुंचा, फिर उठा लिया खौफनाक कदम

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिवप्रताप सिंह राजपूत सुबह एसपी कार्यालय पहुंचा था। उसने अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखने की बात कही। शिकायत के दौरान वह कार्यालय परिसर में स्थित शौचालय की ओर गया। कुछ देर बाद वहां से संदिग्ध परिस्थितियों की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो देखा कि युवक के हाथ से खून बह रहा था।

बताया गया कि उसने किसी धारदार वस्तु से अपने हाथ की नस काट ली थी। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

युवक ने लगाए गंभीर आरोप

घटना से पहले युवक ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उसका कहना था कि उसके खिलाफ दर्ज प्रकरण निराधार हैं और उसे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। युवक का दावा है कि उसके परिवार को भी पुलिस कार्रवाई और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन मामलों को लेकर युवक शिकायत कर रहा है, वे पहले से न्यायालय में विचाराधीन हैं और संबंधित कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार का दावा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि शिवप्रताप सिंह राजपूत का मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार ग्वालियर में चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि युवक की पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी जांच का हिस्सा बनाई जा रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

पुलिस का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चिकित्सा रिकॉर्ड, पूर्व घटनाओं और शिकायतों का अध्ययन आवश्यक है। इसी कारण मामले की बहुआयामी जांच की जा रही है।

पहले भी विवादों में रह चुका है युवक

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिवप्रताप सिंह राजपूत का नाम इससे पहले भी विवादास्पद घटनाओं में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि कुछ समय पहले नोगांव न्यायालय परिसर में हुए एक घटनाक्रम में भी वह शामिल था।

जानकारी के अनुसार, उस दौरान न्यायालय परिसर में किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। आरोप है कि युवक ने न्यायाधीश के साथ अभद्रता और मारपीट का प्रयास किया था। घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों और न्यायालय कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया था तथा न्यायाधीश को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

हालांकि उस मामले में कानूनी प्रक्रिया पहले से जारी है और संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

पुलिसकर्मियों से भी हुई थी झड़प

सूत्रों के अनुसार, नोगांव न्यायालय परिसर में हुए विवाद के दौरान युवक और पुलिस स्टाफ के बीच भी झड़प हुई थी। आरोप है कि उसने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की थी, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई थीं। बताया जाता है कि कुछ कर्मचारियों के दांत टूटने जैसी गंभीर चोटें भी दर्ज की गई थीं।

घटना के बाद संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और कानूनी कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई थी।

एसपी ने क्या कहा?

छतरपुर पुलिस अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक द्वारा जिन मामलों को लेकर शिकायत की जा रही है, वे न्यायालय परिसर में हुए विवाद से संबंधित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रकरण न्यायालय कर्मचारियों की शिकायत पर दर्ज किया गया था और पुलिस स्वयं उस मामले में शिकायतकर्ता नहीं है।

एसपी ने कहा कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। साथ ही एसपी कार्यालय परिसर में हुई घटना के संबंध में भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि युवक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा उसके परिजनों से भी संपर्क किया गया है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। यह जांच की जा रही है कि युवक एसपी कार्यालय परिसर में किस प्रकार धारदार वस्तु लेकर पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है।

साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि युवक की शिकायत क्या थी, उसकी सत्यता क्या है और उसने इतना बड़ा कदम उठाने की नौबत क्यों महसूस की। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में चर्चा का विषय बनी घटना

एसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील परिसर में हुई इस घटना ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है। एक ओर युवक पुलिस पर प्रताड़ना और झूठे मुकदमे का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और पूर्व विवादों का हवाला दे रही है। ऐसे में सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

फिलहाल युवक का उपचार जारी है और पुलिस तथा प्रशासन दोनों स्तरों पर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।