बालेन शाह की शानदार जीत, पूर्व PM केपी ओली को 50 हजार वोटों से हराया, 4 साल पुरानी पार्टी की ऐतिहासिक जीत

नेपाल के झापा जिले के निर्वाचन क्षेत्र–5 से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को करीब 50 हजार वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है. जीत के बाद पार्टी ने अपने सभी विजयी उम्मीदवारों को विजय जुलूस या किसी भी प्रकार का उत्सव न मनाने का निर्देश दिया है और तुरंत जनसेवा व जिम्मेदारियों पर ध्यान देने को कहा है.

बालेन शाह की शानदार जीत, पूर्व PM केपी ओली को 50 हजार वोटों से हराया, 4 साल पुरानी पार्टी की ऐतिहासिक जीत

नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बालेन शाह होंगे, अब ये लगभग तय हो गया है. बालेन की राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बंपर जीत की ओर बढ़ रही है. Gen-Z के फेवरेट बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली को हरा दिया है. कोसी, मदेश, बागमती, लुंबीनी लगभग सभी प्रांतों में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बढ़त बनाए हुए है.

नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हरा दिया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बालेन शाह और ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे थे। यहां बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट मिले। ओली को भारत विरोधी नेता माना जाता है। उन्होंने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था।

बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। RSP ने अब तक 62 सीटें जीत ली हैं, जबकि 60 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।

पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी।

करीब 50 हजार वोटों से मिली जीत

अंतिम मतगणना के अनुसार बालेन शाह को कुल 68,348 वोट मिले. वहीं केपी शर्मा ओली को इस सीट पर करीब 18 हजार वोट ही मिल पाए. इस तरह दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 हजार वोटों का बड़ा अंतर रहा. इतनी बड़ी जीत को नेपाल की राजनीति में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. कई लोग इसे युवा नेतृत्व के प्रति जनता के भरोसे का संकेत भी मान रहे हैं.

चुनाव नतीजे आने के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने सभी विजयी उम्मीदवारों के लिए एक खास निर्देश जारी किया है. पार्टी ने कहा है कि कोई भी नेता जीत के बाद जुलूस या बड़ा जश्न न मनाए. आम तौर पर चुनाव जीतने के बाद रैलियां और जुलूस निकलते हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने इससे बचने को कहा है. पार्टी का मानना है कि अभी ध्यान सिर्फ जिम्मेदारी निभाने पर होना चाहिए. पार्टी के उपाध्यक्ष और चुनाव प्रबंधन समिति के समन्वयक डीपी अर्याल ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सबसे जरूरी काम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है. उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है, इसलिए अभी जश्न मनाने का सही समय नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि इस चुनाव के दौरान कुछ कठिन हालात भी रहे और कई युवा इससे प्रभावित हुए हैं. इसलिए नेताओं को संवेदनशील रहते हुए काम शुरू करना चाहिए.

जनता की उम्मीदें पूरी करने पर जोर

डीपी अर्याल ने यह भी कहा कि जनता ने इस बार बदलाव की उम्मीद से वोट दिया है. लोग चाहते हैं कि भ्रष्टाचार कम हो और देश में बेहतर व्यवस्था बने. इसलिए जीतने वाले नेताओं की पहली जिम्मेदारी यही है कि वे ईमानदारी से काम करें. पार्टी ने अपने उम्मीदवारों से कहा है कि वे फूलों की मालाएं, बड़े जुलूस या बाइक रैली जैसे कार्यक्रमों से दूर रहें. सिर्फ मतगणना केंद्र पर समर्थकों का धन्यवाद करना ठीक है, लेकिन असली काम अब जनता के लिए बेहतर शासन देना है.