पहली बार बालाघाट में लगेगी कैबिनेट—सीएम डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद को बताया ‘कैंसर’, 61 जवानों को मिला आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि राज्य कैबिनेट की बैठक पहली बार बालाघाट में आयोजित की जाएगी। उन्होंने नक्सली समस्या को समाज के लिए ‘कैंसर’ बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई। नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट सेवा देने वाले 61 जवानों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देकर सम्मानित किया गया।

पहली बार बालाघाट में लगेगी कैबिनेट—सीएम डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद को बताया ‘कैंसर’, 61 जवानों को मिला आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन

नक्सलवाद के खात्मे को लेकर एमपी पुलिस ने अपने 61 शूरवीरों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया है। प्रमोशन पाने वाले जवानों की सूची जारी हो गई है। मजबूत इच्छाशक्ति से जवानों ने बालाघाट से नक्सलवाद को खत्म किया है।

बालाघाट में पहली बार होगी मोहन कैबिनेट की बैठक, सीएम ने नक्सल समस्या को बताया ‘कैंसर’; 61 हॉक फोर्स जवानों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन

बालाघाट।मध्यप्रदेश में नक्सली समस्या के समाप्त होने के बाद पहली बार राज्य कैबिनेट की बैठक बालाघाट में आयोजित की जाएगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री शनिवार को बालाघाट पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद स्मारक में नक्सल हिंसा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और नक्सली गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियान में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले हॉक फोर्स के 61 जवानों को बैच लगाकर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन प्रदान किया। ये जवान 14 जून 2025 को रूपझर थाना क्षेत्र के पचामादादर-कटेझिरिया पहाड़ी जंगल में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में अहम भूमिका निभाने वाले थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में 100 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ ही पुलिस की “विधांजलि” कार्यक्रम, एकल केंद्र और जिले के 32 थानों को आईएसओ प्रमाणन मिलने पर आधारित शॉर्ट वीडियो फिल्म का शुभारंभ भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम यादव ने नक्सली समस्या को समाज के लिए ‘कैंसर’ बताया और कहा कि राज्य सरकार ने इसे जड़ से समाप्त करने का काम किया है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन मंत्री लिखीराम की नक्सलियों द्वारा हत्या के समय कांग्रेस खामोश थी, जबकि उनकी सरकार ने उस अपराध का जवाब दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी तीन बार उल्लेख किया।

शहीद परिवारों को सहायता और सम्मान

क्रमपूर्व पदोन्नति के साथ-साथ नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों और आम नागरिकों के 14 परिवारों में से 10 परिवारों के एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की घोषणा की गई और नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने बैगा महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आदिवासी टीमों और नक्सल अभियान में बेहतर कार्य करने वाले सीआरपीएफ जवानों को भी सम्मानित किया।

गौरतलब है कि इस अभियान के दौरान हॉक फोर्स के जवानों ने प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मलाजखंड दलम के पांच सदस्यों—रीता उर्फ तुब्बी, श्रीरांगु हिड़ामी उर्फ देवचंद, सुमन, ईमला उर्फ तुलसी और रवि मड़ावी उर्फ बदरे—को मार गिराया था।