यूपीएससी में चयनित MP के 61 युवाओं का सम्मान: CM मोहन यादव बोले—आपका चयन स्थायी, हमें हर 5 साल में परीक्षा देनी पड़ती है

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में शनिवार को यूपीएससी (UPSC) के चयनित अभ्यर्थियों के लिए 'सफलता के मंत्र' सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में उन 61 चेहरों की चमक दिखी, जिन्होंने संघर्ष और सीमित संसाधनों के बीच देश की सबसे कठिन परीक्षा क्रैक की।

यूपीएससी में चयनित MP के 61 युवाओं का सम्मान: CM मोहन यादव बोले—आपका चयन स्थायी, हमें हर 5 साल में परीक्षा देनी पड़ती है

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने UPSC-2025 में चयनित युवाओं से संवाद किया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।  

भोपाल: भोपाल में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPSC-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद कर उन्हें जिम्मेदारी और निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

 

राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में चयनित युवाओं का सम्मान किया गया और उनकी सफलता की कहानियां साझा की गईं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के साथ जिम्मेदारी भी आती है और उन्हें अधिकारी बनने के बाद ठहराव नहीं, बल्कि निरंतर प्रगति की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा आज देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं और यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यह है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी ऊंचे पदों तक पहुंच सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गरीबों की मदद करें, नवाचार को अपनाएं और ईमानदारी व सत्य के मार्ग पर चलें। कार्यक्रम के दौरान ‘प्रतिभाओं का वर्जन’ पत्रिका का विमोचन किया गया और चयनित अभ्यर्थियों पर आधारित शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

इस मौके पर UPSC में 5वीं रैंक हासिल करने वाले ईशान भटनागर ने अपनी सफलता को कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम बताया। वहीं 260वीं रैंक हासिल करने वाली प्राची चौहान ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा बेटियों को दिए गए समर्थन का परिणाम है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि प्रदेश में शिक्षा और प्रतिभा के बढ़ते स्तर को भी दर्शाता है।

परीक्षा... चयन और जवाबदेही'

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जब अपनी तुलना नवनियुक्त अफसरों से की, तो पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। सीएम ने कहा कि "लोकतंत्र में आप सौभाग्यशाली हैं कि एक बार परीक्षा पास की और आपका चयन पक्का हो गया। लेकिन हम राजनीतिज्ञों की परीक्षा हर पांच साल में होती है। हमें जनता के बीच जाना पड़ता है, अपनी नीतियों का हिसाब देना पड़ता है और फिर से उनका भरोसा जीतना पड़ता है। यह व्यवस्था ही देश को जीवंत रखती है।" उन्होंने संदेश दिया कि पद मिलने के बाद अहंकार नहीं, बल्कि सेवा का भाव होना चाहिए क्योंकि असली परीक्षा 'मैदान' (फील्ड) में होती है।