पंचायत सचिव पर गिरी गाज -CEO की कार्रवाई पर निलंबन,छतरपुर में 3 इंसानों को सरकारी सिस्टम ने कागजों में मार डाला, हकीकत में आज भी हैं जिंदा

छतरपुर में 3 जिंदा लोगों को कागजों में मार दिया गया, जिंदा होने के सबूत दे रहे लोग, सरकारी सुविधाओं से किया गया वंचित.

पंचायत सचिव पर गिरी गाज -CEO की कार्रवाई पर निलंबन,छतरपुर में 3 इंसानों को सरकारी सिस्टम ने कागजों में मार डाला, हकीकत में आज भी हैं जिंदा

MP के छतरपुर में जिंदा लोगों को मृत घोषित करने वाले पंचायत सचिव पर गाज गिर गई. विधवा पेंशन रुकी तो इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को 3 जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. जहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सचिव ने शायद किसी दबाव में आकर ऐसा किया हो, वहीं अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह गलती शायद कंप्यूटर चलाने की जानकारी न होने के कारण हुई हो.

पेंशन और राशन बंद होने पर खुला मामला

गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, एक दिन अचानक सुविधाओं से वंचित हो गईं। जब उन्होंने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तब पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने कहा कि साहब हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया।

दूसरे ग्रामीण भी बताए जा रहे पीड़ित

इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दर्शाए जाने का आरोप है। बताया गया कि उन्हें भी योजनाओं से बाहर कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है।

वेतन रुकने का भी आरोप

पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि उन्हें मृत दिखाकर उनका वेतन रोक दिया गया। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा कि मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए।

चुनावी रंजिश का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया, ताकि कुछ लोगों को सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए जनपद सीईओ को जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने में लापरवाही हुई या किसी स्तर पर जानबूझकर गड़बड़ी की गई।

CEO की कार्रवाई और सचिव का निलंबन

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने चंद्रापुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. हालांकि, अरजरिया ने कहा कि वह इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि सचिव को कंप्यूटर चलाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी और इसलिए शायद यह गलती हो गई हो.

CEO ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह पाया गया कि यह कृत्य 'मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996' के तहत एक गंभीर कदाचार (गलत आचरण) है. निलंबन की अवधि के दौरान अमर सिंह को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से अटैच किया जाएगा और उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.