13 दिन बाद गड्ढे में मिली कारोबारी की लाश: आखिरी कॉल रिश्तेदारों को, भाई-भाभी समेत तीन पर हत्या का शक
भोपाल के गुनगा इलाके में 13 दिन से लापता कारोबारी देवेंद्र मेहरा का शव उसके ताऊ के खेत में पानी भरे गड्ढे से बरामद हुआ। वह 17 अप्रैल को घर से निकला था और इसके बाद लापता हो गया था। पुलिस जांच में उसकी आखिरी लोकेशन इसी खेत में मिली थी। कॉल डिटेल में आखिरी बातचीत तीन करीबी रिश्तेदारों से सामने आई है, जिन पर परिजनों ने हत्या का शक जताया है। हालांकि, आरोपियों ने इनकार किया है। शव सड़ी-गली हालत में मिला और पहचान कपड़ों व मोबाइल से हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुनगा इलाके के खेत में मिला शव, परिवार ने खुद की तलाश में किया खुलासा
17 अप्रैल से लापता था कारोबारी, गुटखा लेने निकला था घर से
ताऊ के खेत में मिली आखिरी लोकेशन, उसी गड्ढे में मिला शव
भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 13 दिनों से लापता एक कारोबारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पानी से भरे गड्ढे में मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए करीबी रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
मृतक की पहचान 40 वर्षीय देवेंद्र मेहरा, पिता देवेश मेहरा, निवासी लांबाखेड़ा (हर्ष ट्रांसपोर्ट के पीछे) के रूप में हुई है। देवेंद्र शहर में ललवानी प्रेस रोड, कोतवाली क्षेत्र में लेडीज पर्स की दुकान चलाते थे और स्थानीय स्तर पर एक छोटे कारोबारी के रूप में जाने जाते थे। परिवार के अनुसार, वे 17 अप्रैल की सुबह करीब 8:30 बजे घर से निकले थे। उन्होंने घरवालों से कहा था कि वे गुटखा लेने जा रहे हैं और जल्द ही लौट आएंगे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
जब देर शाम तक देवेंद्र घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कई जगहों पर खोजबीन करने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों ने ईंटखेड़ी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि देवेंद्र की आखिरी लोकेशन धमर्रा-बैरसिया रोड पर स्थित एक खेत में मिली थी, जो उनके ताऊ का बताया जा रहा है।
बुधवार सुबह परिजनों ने खुद उस खेत में जाकर तलाश की। इसी दौरान एक पानी से भरे गड्ढे में उन्हें एक शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव बुरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि कपड़ों, मोबाइल फोन और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान देवेंद्र मेहरा के रूप में की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, इसलिए पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि देवेंद्र की कॉल डिटेल में आखिरी तीन कॉल उनके ही करीबी रिश्तेदारों को किए गए थे। इनमें मनोज मेहरा (ताऊ का बेटा), कालूराम (रिश्ते का भाई) और मीराबाई (रिश्ते की भाभी) के नंबर शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि इन तीनों लोगों से ही देवेंद्र की आखिरी बार बात हुई थी और इसके बाद वह लापता हो गए।
मृतक के बड़े भाई नारायण मेहरा ने आरोप लगाया कि जिस खेत में शव मिला है, वह उनके बड़े पिता का है और उसी परिवार के सदस्य मनोज मेहरा से देवेंद्र की आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा कि जब मनोज से इस बारे में पूछा गया, तो उसने बात करने से ही इनकार कर दिया, जबकि कॉल डिटेल में स्पष्ट रूप से उसका नंबर दर्ज है। इससे परिजनों का शक और गहरा गया है।
परिजनों का यह भी कहना है कि जिन तीन लोगों पर शक जताया जा रहा है, वे घटना की जानकारी मिलने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही उन्होंने परिवार से कोई संपर्क किया। इससे उनकी भूमिका और संदिग्ध लग रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने मिलकर देवेंद्र की हत्या की और शव को गड्ढे में फेंक दिया, ताकि मामला छिपाया जा सके।
हालांकि, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तीनों संदिग्धों ने इन सभी बातों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी देवेंद्र से कोई आखिरी बातचीत नहीं हुई और उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ती अविश्वास और आपसी विवादों की गंभीरता को उजागर किया है। एक ही परिवार के भीतर हत्या जैसी आशंका ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इलाके के लोगों में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सभी की नजर अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस रहस्यमयी मौत के पीछे के कारणों से पर्दा उठा सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस