खाकी की आड़ में ‘क्रिप्टो किडनैपिंग का खेल:यूएसडीटी खरीदने के बहाने ट्रेडिंग कारोबारी को धमकाकर करंसी ट्रांसफर करवाई और 3 लाख रुपए छीन लिए

इंदौर में 2 पुलिसकर्मियों ने आरोपियों के साथ मिलकर एक युवक पर अवैध कारोबार का आरोप लगाकर और गिरफ्तार करने की धमकी देकर यूएसडीटी और नकदी लूट ली। शिकायत के बाद डीसीपी कार्यालय और एमआइजी थाने के जवानों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

खाकी की आड़ में ‘क्रिप्टो किडनैपिंग का खेल:यूएसडीटी खरीदने के बहाने ट्रेडिंग कारोबारी को धमकाकर करंसी ट्रांसफर करवाई और 3 लाख रुपए छीन लिए

एमआईजी थाने के सिपाही और डीसीपी कार्यालय से अटैच पुलिसकर्मी शामिल, सोनकच्छ के बदमाशों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, दोनों पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी, क्रिप्टो लूट का मामला।

खजराना निवासी अब्दुल फहाद को एटीएम से अगवा कर 3 लाख नकद और 400 यूएसडीटी लूटे, बाइनेंस एप से ट्रांसफर किए गए।

मध्य प्रदेश के इंदौर में खाकी वर्दी को दागदार करने का मामला सामने आया है। इंदौर में दो सिपाहियों पर सोनकच्छ के बदमाशों के साथ मिलकर एक युवा ट्रेडिंग कारोबारी को यूएसडीटी खरीदने के बहाने बुलाया कर कथित तौर पर अगवा कर नकदी व डिजिटल करंसी लूटने का आरोप लगा है। खबर मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दोनों पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

जानकारी के मुताबिक, खजराना निवासी अब्दुल फहाद, जो क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़ा है, शनिवार शाम अपनी मां के खाते में ढाई लाख रुपये जमा करने भाई जुनैद के साथ चंद्रलोक चौराहा स्थित एटीएम पहुंचा था। फहाद पैसे जमा कर ही रहा था कि एक युवक साहिल एटीएम के अंदर आया। कुछ ही मिनटों में बुलेट बाइक पर दो पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। दोनों ने खुद को पुलिस बताते हुए सख्ती दिखाई और जांच के नाम पर फहाद व उसके भाई को पकड़ लिया। इसके बाद तीनों को अलग-अलग वाहनों पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले जाया गया। वहां बैग की तलाशी के दौरान करीब दो लाख रुपये नकद निकाल लिए और मोबाइल फोन छीनकर बाइनेंस एप से 4000 यूएसडीटी नावेद लोधी के अकाउंट में ट्रांसफर करा ली। आरोप है कि उनके धमकी दी गई कि ये सब अवैध है, जेल भेज देंगे। इसके बाद सभी पीड़ित को छोड़कर भाग निकले। हालांकि, बाद में पीड़ित ने घर पहुंचकर ट्रांजेक्शन को होल्ड कराया और वकील से सलाह लेकर शिकायत दर्ज कराई।

सीसीटीवी में नजर आए पुलिसकर्मी, फोटो सर्कुलेट से पहचान

सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित द्वारा शिकायत करने के बाद पलासिया पुलिस ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें बुलेट पर आए दो वर्दीधारी साफ नजर आए। फोटो पुलिस ग्रुप में सर्कुलेट किए गए तो पहचान हुई— एक सिपाही एमआईजी थाने में तैनात अविनाश चंद्रवंशी और दूसरा डीसीपी ऑफिस में अटैच मनोज मालवीय है। दोनों को थाने बुलाकर पीड़ित से शिनाख्त कराई गई, जहां उनकी पुष्टि हो गई। इसके बाद दो अन्य आरोपी नावेद और साहिल को गिरफ्तार किया गया। सूत्र बताते हैं कि शुरुआत में पुलिस ने अपने जवानों को बचाने की कोशिश की। फरियादी पर केवल नावेद और साहिल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। पीड़ित को समझाने, मनाने और डराने तक की कोशिश हुई, लेकिन वह नहीं माना। उसने साफ कहा कि चारों के खिलाफ एफआईआर होगी। इसके बाद पुलिस ने नावेद, साहिल और दो अन्य आरोपियों पर लूट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।

बचपन की दोस्ती से बनी साजिश

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नावेद लोधी ने पूछताछ में बताया कि सिपाही मनोज उसका बचपन का दोस्त है। मनोज ने ही “बड़ा काम” बताने को कहा था। 6 फरवरी को इंदौर आने के बाद नावेद ने मनोज, अविनाश और अपने साथी साहिल को जानकारी दी कि फहाद क्रिप्टो करंसी का काम करता है। इसके बाद चारों ने प्लान बनाया कि यूएसडीटी खरीदने के बहाने उसे बुलाया जाएगा। जैसे ही वह पैसे गिनेगा, पुलिसकर्मी उसे डराकर काबू कर लेंगे। योजना के मुताबिक, एटीएम लोकेशन तय हुई और वहीं वारदात को अंजाम दिया गया।

खाकी पर सवाल, विभागीय कार्रवाई तय

दो बदमाशों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दोनों सिपाही हिरासत में हैं। विभागीय जांच के साथ सस्पेंशन और बर्खास्तगी की कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर में वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।