इंस्टाग्राम से चुनावी मैदान तक, वडोदरा निकाय चुनाव में बीजेपी ने अंकिता परमार को दिया टिकट, मचा हंगामा

गुजरात के वडोदरा जिला पंचायत की पोर सीट से भाजपा ने अंकिता परमार को उम्मीदवार बनाया है. एक मिलियन से अधिक फॉलोअर्स वाली अंकिता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं. टिकट मिलने के बाद पार्टी के अंदर विरोध भी सामने आया है, जहां नयना परमार ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया. अंकिता पहले भी पंचायत चुनाव जीत चुकी हैं और युवा मोर्चा में सक्रिय हैं.

इंस्टाग्राम से चुनावी मैदान तक, वडोदरा निकाय चुनाव में बीजेपी ने अंकिता परमार को दिया टिकट, मचा हंगामा

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने इन्फ्लुएंसर अंकिता को टिकट दी है, जिसके बाद पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है।

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले इन्फ्लुएंसर अंकिता परमार सुर्खियां बटोर रही हैं क्योंकि बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया है। बीजेपी ने अंकिता परमार को वडोदरा जिला पंचायत की पोर सीट से उम्मीदवार बनाया है, जिसके बाद पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी बढ़ गई है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि पोर सीट का टिकट नयना परमार को दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव की वोटिंग 26 अप्रैल को होने वाली है और चुनाव के परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।

अंकिता के इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। वह अपनी फिटनेस वीडियो और महिलाओं की स्वतंत्रता पर आधारित कंटेंट के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा वह पहले भी राजनीति में हाथ आजमा चुकी हैं। 2021 में वह वडोदरा तहसील पंचायत की सदस्य चुनी गई थीं। सितंबर 2023 में वह वडोदरा तहसील पंचायत की चेयरमैन बनी थीं, जिसके बाद फरवरी 2026 में उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया था। अब सवाल उठता है कि अंकिता को टिकट मिलने से पार्टी में नाराजगी का माहौल क्यों है।

विवाद का कारण क्या है?

अंकिता परमार को वडोदरा जिला पंचायत की पोर सीट से टिकट मिलने पर पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो गया है क्योंकि इस सीट की पहली दावेदार नयना परमार थीं। इसी वजह से अंकिता को टिकट देने का विरोध किया जा रहा है। अब नयना परमार निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं और अंकिता परमार के वोटों में सेंध लगा सकती हैं।

नयना परमार बनाम अंकिता परमार

गुजरात के स्थानीय चुनाव में नयना परमार और अंकिता परमार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। एक तरफ नयना परमार हैं, जिनकी जमीनी स्तर पर अच्छी पकड़ है और जो पहले भी आम जनता के बीच अपनी खास पहचान बना चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ अंकिता परमार हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं और वह इस समय जोर-शोर से चुनाव प्रचार कर रही हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों उम्मीदवार एक-दूसरे के वोट काट सकती हैं।

निर्दलीय लड़ने का किया ऐलान

नयनाबेन नयनाबेन परमार ने साफ कर दिया है कि अब वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने सोशल मीडिया और 'रील लाइफ' के दिखावे पर निशाना साधते हुए कहा कि असलियत और रील लाइफ में बहुत बड़ा फर्क होता है, जिसे शायद पार्टी आलाकमान समझ नहीं पाया। उन्होंने यह कहकर कार्यकर्ताओं की भावनाओं को जीतने की कोशिश की है कि पार्टी के खिलाफ बगावत करने के बावजूद, उनकी विचारधारा बीजेपी वाली ही रहेगी। नयनाबेन के निशाने पर आए रसिक प्रजापति पहले वडोदरा जिले के अध्यक्ष थे। अब वह बीजेपी गुजरात की मुख्य टीम में उपाध्यक्ष है, तो वहीं अंकिता परमार वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी की टीम में हैं। हेमांग जोशी बीजेपी गुजरात युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं।