फसल क्षति पर सरकार का बड़ा राहत पैकेज, हजारों किसानों को मिला मुआवजा-बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित 8,387 किसानों को 04 करोड़ से अधिक की सहायता राशि वितरित

उत्तर प्रदेश के उरई में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 8,387 किसानों को 4.03 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा सीधे खातों में भेजा गया। बाढ़ से 7,684 और अतिवृष्टि से 703 किसान प्रभावित हुए। प्रशासन ने पारदर्शी सर्वे के आधार पर सहायता दी और आगे भी समयबद्ध राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

फसल क्षति पर सरकार का बड़ा राहत पैकेज, हजारों किसानों को मिला मुआवजा-बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित 8,387 किसानों को 04 करोड़ से अधिक की सहायता राशि वितरित

बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को 4 करोड़ से ज्यादा की राहत, प्रशासन ने सीधे खातों में भेजी सहायता राशि

उरई । उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के तहत जनपद में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक सर्वे कर पात्र किसानों को मुआवजा वितरित किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से 3794.95 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति हुई, जिसके अंतर्गत 7,684 किसानों को कुल 3,35,33,625 की धनराशि वितरित की गई। वहीं अतिवृष्टि से 789.48 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिसमें 703 किसानों को 68,62,958 रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 8,387 किसानों को 4,03,96,583 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई, जिससे प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देशों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही कर जनपद किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में त्वरित सर्वेक्षण कर पारदर्शी ढंग से राहत राशि वितरित की जाती है। उन्होंने कहा कि यह सहायता किसानों को दोबारा खेती के लिए संबल प्रदान करेगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी किसी प्रकार की फसल क्षति होने पर तत्काल सर्वे कर समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सहायता राशि वितरित की जाए, इस हेतु अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को नोडल अधिकारी नामित कर उन्हें निर्देशित  कर दिया गया है कि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे।उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना प्रशासन को भी दें, जिससे समय पर सहायता सुनिश्चित की जा सके।