शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला उजागर सैलरी के नाम पर अकाउंटेंट ने निकाले 1.11 करोड़ रुपए 14 आरोपियों पर FIR दर्ज, जांच तेज
पनागर थाने में तीन शिक्षा अधिकारियों सहित 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही सभी की गिरफ्तारी होगी। इधर फर्जीवाड़ा से घिरे लोगों को जैसे ही एफआईआर को पता चला, तो सभी अंडरग्राउंड हो गए हैं, जिनकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
जबलपुर में शिक्षा विभाग के पनागर विकासखंड में पदस्थ अकाउंटेंट ने शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर ना सिर्फ अपने और परिवार की जेब भरी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को कई सालों तक हर माह वेतन भी दिया।
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पनागर विकासखंड में शिक्षा विभाग के भीतर एक सनसनीखेज वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। विभाग में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने शासन की आंखों में धूल झोंककर न केवल अपने और परिवार के सदस्यों की जेबें भरीं, बल्कि उन कर्मचारियों को भी सालों तक वेतन का भुगतान किया जो सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके थे। इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पनागर थाने में तीन पूर्व शिक्षा अधिकारियों सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घोटाले की खबर लगते ही मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।भौगोलिक संदर्भ
इस भ्रष्टाचार का खुलासा तब हुआ जब भोपाल स्थित कोष लेखा विभाग ने जबलपुर कलेक्टर को पनागर ब्लॉक में भारी वित्तीय अनियमितताओं की सूचना दी। जांच में सामने आया कि साल 2018 से 2026 के बीच अतिथि शिक्षकों के नाम पर फर्जी तरीके से वेतन निकाला जा रहा था। मास्टरमाइंड अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने शिक्षा अधिकारियों के लॉगिन और पासवर्ड का अनधिकृत उपयोग कर करोड़ों की राशि निकाली और उसे 16 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया। हैरानी की बात यह है कि इस सूची में कई ऐसे नाम शामिल थे जिन्होंने कभी नौकरी ही नहीं की या जो कई साल पहले रिटायर हो चुके थे।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच टीम ने जब बैंक खातों की पड़ताल की, तो विजय कुमार भलावी की पत्नी, दो बेटियों और रिश्तेदारों के खातों में लाखों रुपए जमा मिले। घोटाले में पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, क्योंकि इन्हीं के कार्यकाल के दौरान उनके डिजिटल एक्सेस का उपयोग कर फर्जी भुगतान किए गए। अब तक की जांच में 1 करोड़ 11 लाख रुपए के गबन की पुष्टि हो चुकी है, जिसे सुचित्रा पटेल, रानू भलावी, समीर कोष्ठा और अन्य सहयोगियों के खातों में भेजा गया था।मध्य प्रदेश समाचार
पनागर थाना पुलिस ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे के प्रतिवेदन पर आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि जिला कोषालय और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को इतने वर्षों तक इस फर्जीवाड़े की भनक क्यों नहीं लगी। फिलहाल, कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के सभी बैंक खातों पर रोक लगा दी है और 2016 से अब तक के सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट के अन्य चेहरों का भी खुलासा हो सकता है।
बड़े अधिकारी भी शक के घेरे में
शिक्षा विभाग से लेकर जिला कोषालय भी शक के दायरे में बताया जाता है कि इस मामले में जहां स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी शंका जाहिर की जा रही है, वहीं जिला कोषालय के अधिकारी और कर्मचारी भी निशाने पर हैं। इतना बड़ा मामला बिना सहभागिता के संभव नहीं है। शिक्षा विभाग के पास भी शिक्षकों की सूची होती है और उनमें नए नाम शामिल होने की जानकारी अधिकारियों को नहीं मिल पाई यह चौंकाने वाली बात है। वहीं जिला कोषालय ने भी बिना सत्यापन लगातार सैलरी निकाली, इस पर भी संदेह जताया जा रहा है। बैंक खातों पर रोक लगाई बताया जाता है कि घपले की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर ने बीईओ कार्यालय के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अभी तक के रिकॉर्ड भी बीईओ कार्यालय से मांगे गए हैं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे ने पनागर थाने में प्रतिवेदन देते हुए बताया कि विकासखंड की पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे,नरेंद्र कुमार तिवारी, सहायक ग्रेड विजय कुमार भलावी, शिक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला,अनिल कुमार ने 2018 से 2025 के बीच कई फर्जी नाम जोड़े और बकायदा उनके खाते में वेतन का भुगतान भी किया गया।
16 खातों में रुपए हुए ट्रांसफर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एकाउंटेंट विजय कुमार भलावी कई सालों से शिक्षकों की सूची में गड़बड़ी कर रहा था। वह शिक्षकों की सूची में किसी का भी नाम जोड़कर उन्हें शिक्षक बना देता था, और फिर उसके नाम की सैलरी ना सिर्फ अपने खाते बल्कि पत्नी और बेटियों के नाम पर ट्रांसफर करता था। अभी तक 16 खातों की पहचान हो गई है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक शासकीय राशि भेजी गई है। विजय कुमार के 4, पत्नी और दो बेटियों के 1-1 खाते के अलावा रिटायर हो चुके शिक्षकों के खाते भी सामने आए हैं।
इन पर हुई एफआईआर
विकासखंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पनागर थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड विजय कुमार भलावी सहित शैलबाला डोंगरे,त्रयंबक गणेश खरे, नरेंद्र तिवारी,जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला कोष्ठा, अंकुश नेमा, पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल के बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार का कहना है कि विजय कुमार ने बड़ी ही चालाकी से यह फर्जीवाड़ा किया है। विजय कुमार ने ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन निकाला था, जो कि या तो रिटायर हो चुके थे, या फिर कभी नौकरी ही नहीं की थी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस