राजस्थान-MP जुड़वां भाई जैसे: जयपुर में मोहन यादव बोले—रोटी-बाटी और पानी का गहरा रिश्ता, निवेशकों को दिया ‘पधारो मध्य प्रदेश’ न्योता
जयपुर में आयोजित 'इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्य प्रदेश' में पहुंचे मोहन यादव. राजस्थान के निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्यौता.
इन्सुलेशन एनर्जी मध्य प्रदेश के बाई-बबई मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 1650 करोड़ के निवेश की योजना बना रही है, जिससे लगभग 1000 नौकरियां पैदा होंगी और एक प्रमुख सौर सेल निर्माण इकाई स्थापित होगी। यह परियोजना प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा भविष्य को सुव्यवस्थित करने के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे का लाभ उठाएगी।
जयपुर में शनिवार को मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट सत्र हुआ. इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्योग जगत के बीच एमपी की नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं और औद्योगिक क्षमताओं पर चर्चा की. जयपुर के आईटीसी राजपूताना होटल में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज का आयोजन किया गया.
संबोधन की शुरुआत में मोहन यादव ने कहा, मध्य प्रदेश और राजस्थान भाई-भाई हैं. दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक संबंध बहुत गहरे हैं. पार्वतीकालीसिंधचंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों के साझा आर्थिक विकास की मजबूत नींव है. यह परियोजना न सिर्फ जल प्रबंधन को बेहतर बनाएगी, बल्कि उद्योग और कृषि क्षेत्र पर भी बड़ा सकारात्मक असर डालेगी.
मोहन यादव ने कहा, निवेश केवल पूंजी का प्रवेश नहीं बल्कि यह रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने का माध्यम है. उन्होंने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश संभावनाओं का राज्य नहीं बल्कि स्पष्ट नीतियों, तेज़ फैसलों और मजबूत प्रशासन वाला अग्रणी निवेश गंतव्य बन चुका है.
एमपी में निवेश की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि वर्ष 2026 को मध्य प्रदेश सरकार कृषि वर्ष के रूप में मना रही है. इसका उद्देश्य खेती को उद्योग से जोड़ना, एग्रीबेस्ड यूनिट्स को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत आधार देना है. एमपी में फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन और एग्रीलॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावनाएं हैं.
मिलकर आगे बढ़ सकते हैं राजस्थान-मध्य प्रदेश
सीएम मोहन यादव ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि दोनों राज्य विकास के पथ पर मिलकर आगे बढ़ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमाएं भले अलग हों लेकिन विकास का लक्ष्य और भावनात्मक एकता दोनों राज्यों को हमेशा जोड़कर रखती है. दोनों राज्यों को व्यापार के साथ साथ हमे अपनी संस्कृति और जंगल को भी आपस में एक्सचेंज करने की ज़रूरत है, जिससे कि दोनों राज्यों का विकास हो सके.
उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग्स
कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग्स भी आयोजित की गईं. इन बैठकों में निवेशकों ने मध्य प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, प्रोत्साहन पैकेज, भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक नेटवर्क और क्लस्टरबेस्ड डेवलेपमेंट मॉडल से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली. कई उद्योग समूहों ने अपनी संभावित परियोजनाओं पर सरकार के साथ औपचारिक चर्चा भी की.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस