रिटायरमेंट प्लान पर बोले दिग्विजय सिंह -आखिरी सांस तक रहूंगा कांग्रेसी, पर अब राज्यसभा जाने का मन नहीं
कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने राजनीति से संन्यास की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। जय सिया राम वाले पोस्ट से मचे हड़कंप के बाद उन्होंने साफ किया कि वह अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करेंगे, लेकिन अब तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाना चाहते।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने उनके राजनीतिक संन्यास को लेकर चल रही अफवाह पर कहा कि मैंने केवल पार्टी से तीसरी बार राज्यसभा का उम्मीदवार ना बनने का अनुरोध किया है.
भोपाल : कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने की अटकलों को खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि वह फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर नहीं जा रहे हैं और जीवन की अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करते रहेंगे. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल ही में यह जरूर कहा था कि उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से राज्यसभा के लिए तीसरी बार उम्मीदवार नहीं बनाया जाए.
इसी बयान के बाद उनके राजनीति से संन्यास लेने की चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि अब उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है. दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल पार्टी नेतृत्व से राज्यसभा के लिए तीसरी बार टिकट न देने का अनुरोध किया था, लेकिन इसका मतलब राजनीति से संन्यास लेना नहीं है.
उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और अंतिम सांस तक कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे. दिग्विजय सिंह का कहना है कि राजनीति में रहते हुए वह संगठन और देश के लिए काम करते रहेंगे.
अंतिम सांस तक कांग्रेस की सेवा करते रहूंगा'- दिग्विजय सिंह
राज्यसभा चुनाव लड़ने से कर चुके हैं इनकार दिग्विजय सिंह पिछले महीने दैनिक भास्कर से कह चुके हैं कि वे अपनी राज्यसभा की सीट खाली कर रहे हैं। यानी कि जून में दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वे दूसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने राज्यसभा जाने से इनकार करके एमपी में कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर संघर्ष बढ़ा दिया है।
10 साल तक चुनाव न लड़ने का लिया था संकल्प 1993 से 2003 तक दिग्विजय सिंह एमपी के सीएम रहे। लेकिन, 2003 में कांग्रेस की करारी हार के बाद दिग्विजय सिंह ने 10 साल तक कोई चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था। वे 2014 में राज्यसभा सदस्य बने उसके बाद दूसरी बार जून 2020 में फिर राज्यसभा सांसद चुने गए थे।
एमपी में एक्टिव होंगे दिग्विजय सिंह
माना जा रहा है कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति में अब पूरी तरह से एक्टिव हो सकते हैं. क्योंकि कांग्रेस पार्टी 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीति अभी से बनाती नजर आ रही है. जिसमें दिग्विजय सिंह की भूमिका अहम हो सकती है. क्योंकि उन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति का लंबा अनुभव रहा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी उन्हें राज्यसभा की बजाए अब एमपी की राजनीति में ही एक्टिव कर सकती है.
दिग्विजय सिंह पिछले कुछ दिनों में एमपी में लगातार एक्टिव भी रहे हैं और राज्य की बीजेपी सरकार पर हमलावर रहे हैं. उन्होंने होली का त्योहार भी भोपाल में मनाया था, जबकि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के बंगले पर आयोजित होली मिलन समारोह में भी शामिल हुए थे.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस