मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला: भूमि अधिग्रहण पर किसानों को 4 गुना मुआवजा, विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मोहन यादव सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए जरूरी फैसले, सरकारी निर्माण कार्य में जमीन जाने पर किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा.
मोहन कैबिनेट ने एमपी के किसानों को बड़ी सौगात दी है. उज्जैन में भी एक बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिल गई है. स्वास्थ्य विभाग के लिए भी बड़ा फैसला लिया है.
MP Cabinet Decisions: किसान हित, स्वास्थ्य और विकास को रफ्तार—मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसलों का व्यापक असर
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम साबित हुई। इस बैठक में जनकल्याण, किसान हित, अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम जनता के जीवन पर पड़ने वाला है। बैठक के बाद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सरकार ने ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों को प्राथमिकता देते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं।
किसानों को जमीन अधिग्रहण पर बड़ी राहत
कैबिनेट के सबसे चर्चित फैसलों में से एक भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। सरकार ने तय किया है कि शासकीय निर्माण कार्यों के लिए जब किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, तो उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा मिलेगा।
यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनती रही है। सरकार का मानना है कि बेहतर मुआवजा मिलने से किसान विकास कार्यों में सहयोग करेंगे और परियोजनाओं में देरी भी कम होगी। यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
33 हजार करोड़ के निर्माण कार्यों को मंजूरी
प्रदेश में अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने लगभग 33 हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, भवन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग को भवन निर्माण और मरम्मत के लिए 25,164 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे पुराने सरकारी भवनों का कायाकल्प होगा और नई सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह निवेश प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा।
सिंचाई परियोजनाओं से कृषि को मजबूती
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य के साथ सरकार ने सिंचाई क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लक्ष्य के साथ कई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपये की परियोजना से 35 गांवों और लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। वहीं इंदौर क्षेत्र की परियोजना से 135 गांवों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इन योजनाओं से किसानों की सिंचाई पर निर्भरता मौसम पर कम होगी और फसल उत्पादन में स्थिरता आएगी।
पुनर्वास पैकेज में छिंदवाड़ा को अतिरिक्त मदद
विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है। कैबिनेट ने छिंदवाड़ा जिले के लिए 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।
सरकार का कहना है कि जिन परिवारों की जमीन या घर विकास कार्यों के कारण प्रभावित होते हैं, उन्हें समय पर और सम्मानजनक पुनर्वास देना उसकी प्राथमिकता है। इससे परियोजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार
शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को अगले पांच वर्षों तक निशुल्क साइकिल वितरण की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर लगभग 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों, खासकर छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने में सहूलियत देना है। इससे ड्रॉपआउट दर कम होने और शिक्षा का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे शिक्षकों की गुणवत्ता और प्रशिक्षण में सुधार होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में CM केयर योजना 2026
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने सीएम केयर योजना 2026 की निरंतरता को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में करीब 3628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराना है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम
सरकार ने एक मानवीय पहल के तहत मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्णय लिया है।
इन आश्रय स्थलों में परिजनों को कम लागत पर ठहरने और भोजन की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहतकारी होगी जो दूरदराज से इलाज के लिए आते हैं। सरकार ने 2028 तक सभी मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा लागू करने का लक्ष्य तय किया है।
अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं पर निवेश
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और प्रदेश के भीतर ही उन्नत इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
नारी शक्ति वंदन और अमरकंटक विकास
कैबिनेट में 27 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल और नदी तटों से अतिक्रमण हटाने तथा नर्मदा समग्र विकास योजना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया गया।
शिक्षा और जल संरक्षण में सुधार के संकेत
बैठक में यह जानकारी दी गई कि 10वीं बोर्ड का परिणाम 73 प्रतिशत और 12वीं का परिणाम 76 प्रतिशत रहा है, जो शिक्षा स्तर में सुधार का संकेत है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जिसे सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम
इन सभी फैसलों को देखें तो स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को विकास के केंद्र में रखा है। भूमि अधिग्रहण पर बेहतर मुआवजा, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश—ये सभी कदम प्रदेश को दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने वाले हैं।
मोहन यादव सरकार के इन निर्णयों से जहां किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, वहीं आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस