किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करे कांग्रेस : गोविंद सिंह राजपूत -कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन पर खाद्य मंत्री का पलटवार
कांग्रेस के किसानों को लेकर किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और कांग्रेस को प्रदर्शन के बजाय खरीदी केंद्रों पर जाकर किसानों की सेवा करनी चाहिए।
भाजपा सरकार ने किसानों को दिया सम्मान, सहायता और सुरक्षा
समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड गेहूं उपार्जन
किसानों के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदी
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर किसानों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा सरकार लगातार किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य कर रही है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर किसानों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम किसानों को एक गिलास ठंडा पानी ही पिला दें, जिससे उन्हें गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रदर्शन कर आम जनता को परेशान करना किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों का भरोसा भाजपा सरकार पर लगातार बढ़ा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार ने किसानों को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर आर्थिक सुरक्षा देने का काम किया है।
कांग्रेस किसानों से माफी मांगे
खाद्य मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों के मुद्दे पर आंदोलन करने से पहले कांग्रेस को किसानों से छल, झूठ और वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को उनकी उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता था, जबकि भाजपा सरकार ने लगातार समर्थन मूल्य बढ़ाकर किसानों को लाभ पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्षों तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं कर सकी, लेकिन वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। मंत्री राजपूत ने दावा किया कि कांग्रेस शासन के 55 वर्षों में गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल लगभग 500 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में गेहूं के समर्थन मूल्य में करीब 1300 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां गेहूं के समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है। अन्य राज्यों में जहां 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हो रही है, वहीं मध्यप्रदेश में किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
भाजपा सरकार ने किसानों को दिया सम्मान और सुरक्षा
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों को केवल कर्ज और भ्रम दिया, जबकि भाजपा सरकार ने सम्मान, सहायता और सुरक्षा देने का काम किया है। उन्होंने किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सिंचाई विस्तार और बोनस जैसी योजनाओं को किसान हितैषी नीति का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के साथ राज्य सरकार भी अतिरिक्त सहायता राशि किसानों को प्रदान कर रही है। साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किसानों की भूमि के भू-अर्जन पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय भी लिया गया है।
समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड गेहूं उपार्जन
खाद्य मंत्री ने प्रदेश में चल रहे समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पारदर्शी तरीके से खरीदी कर रही है। वर्ष 2026 में गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है तथा राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये बोनस देकर किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा के लिए 3623 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। गेहूं विक्रय हेतु लगभग 15 लाख किसानों ने स्लॉट बुक कराए हैं, जिनमें 5.62 लाख मध्यम और बड़े किसान शामिल हैं।
सरकार के अनुसार अब तक 8.42 लाख किसानों से 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है तथा किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस के रूप में 811 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
मंत्री ने बताया कि भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गोदामों की क्षमता 100 प्रतिशत से बढ़ाकर 120 प्रतिशत तक करने की व्यवस्था की गई है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई 2026 से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है। साथ ही 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया गया है तथा शेष बारदाना ट्रांजिट में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर खरीदे गए गेहूं का शीघ्र परिवहन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश बना अग्रणी
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज दलहन और सोयाबीन उत्पादन में देश में प्रथम, गेहूं उत्पादन में द्वितीय तथा खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि जो मध्यप्रदेश कभी गेहूं का आयातक राज्य माना जाता था, वही आज 47 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। प्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीकी देशों तक भेजा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस