कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता: राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक दल की बैठक, कमलनाथ बोले- यह हम सबकी प्रतिष्ठा का चुनाव

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में चुनावी रणनीति, विधायकों की एकजुटता और क्रॉस वोटिंग रोकने पर चर्चा हुई। कमलनाथ ने इसे पूरे कांग्रेस परिवार की प्रतिष्ठा का चुनाव बताया, जबकि पार्टी नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन की जीत का भरोसा जताया

कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता: राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक दल की बैठक, कमलनाथ बोले- यह हम सबकी प्रतिष्ठा का चुनाव

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए विधायक दल की अहम बैठक बुलाई । बैठक में मीनाक्षी नटराजन के समर्थन और विधायकों की एकजुटता पर रणनीति बनाई गई 

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय स्थित इंदिरा भवन में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर चुनावी रणनीति पर मंथन किया। बैठक में पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को एकजुट रहने, अनुशासन बनाए रखने और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करने का संदेश दिया। पार्टी के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं और भाजपा की रणनीति को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बताया।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिया कि राज्यसभा चुनाव केवल एक उम्मीदवार की जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे संगठन की राजनीतिक साख और एकजुटता की परीक्षा है। इसी कारण विधायकों को विशेष रूप से मतदान प्रक्रिया, पार्टी लाइन और संगठनात्मक अनुशासन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

एक घंटे देरी से पहुंचे कई विधायक

कांग्रेस विधायक दल की बैठक शाम पांच बजे निर्धारित की गई थी, लेकिन कई विधायक लगभग एक घंटे की देरी से पहुंचे। बैठक में अधिकांश विधायक मौजूद रहे, हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, जयवर्धन सिंह, वीर सिंह भूरिया और निर्मला सप्रे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। इसके बावजूद कमलनाथ ने वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित कर पार्टी नेताओं और विधायकों को महत्वपूर्ण संदेश दिया।

बैठक के दौरान राज्यसभा चुनाव के गणित, संभावित राजनीतिक परिस्थितियों और मतदान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा की गई। वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों को यह भी बताया कि प्रत्येक वोट का महत्व है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।

कमलनाथ बोले- यह सिर्फ मीनाक्षी नहीं, हम सबका चुनाव

बैठक में वर्चुअल रूप से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यसभा चुनाव को कांग्रेस की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए कहा कि सभी नेताओं और विधायकों को पार्टी के चुनाव चिन्ह, विचारधारा और संगठन की गरिमा का ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल मीनाक्षी नटराजन का नहीं है, बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार का चुनाव है।

कमलनाथ ने कहा, “यह केवल मीनाक्षी नटराजन की जीत का प्रश्न नहीं है। यह कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, कांग्रेस संगठन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा का चुनाव है। हम सभी को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ पार्टी उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए।”

उन्होंने विधायकों से संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों या राजनीतिक दबावों से दूर रहने की अपील की।

चुनावी रणनीति और समन्वय पर हुआ मंथन

इंदिरा भवन में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित संगठन और विधायक दल के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

बैठक में चुनावी प्रबंधन, मतदान प्रक्रिया, विधायकों के बीच समन्वय और चुनाव दिवस की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मतदान के दौरान किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और सभी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुसार मतदान करें।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में भाजपा की संभावित राजनीतिक चालों और विपक्षी रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने विधायकों को सतर्क रहने और पार्टी के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।

उमंग सिंघार का दावा- कांग्रेस पूरी तरह एकजुट

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस विधायक दल पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की उम्मीदवार को राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति प्राप्त है और पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि उनके समर्थन में मतदान करेंगे। सिंघार ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे क्रॉस वोटिंग संबंधी दावों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर किसी प्रकार की असहमति नहीं है।

उन्होंने कहा, “हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रही है और जीत हासिल करेगी।”

जीतू पटवारी ने मीनाक्षी को बताया गांधीवादी विचारों की प्रतिनिधि

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी बैठक के दौरान और बाद में मीनाक्षी नटराजन के राजनीतिक और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को केवल राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके विचारों, कार्यशैली और सार्वजनिक जीवन में उनकी सादगी को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार बनाया है।

पटवारी ने कहा कि मीनाक्षी गांधीवादी विचारधारा, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ राजनीति की मजबूत प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज में वैचारिक राजनीति और जनसेवा के मूल्यों को मजबूत करना चाहती है और मीनाक्षी नटराजन इसी सोच का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा, “मीनाक्षी नटराजन ने लंबे समय तक संगठन और जनता के बीच काम किया है। उनका नाम कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता और ईमानदार राजनीति से जुड़ा हुआ है।”

भोपाल पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन

राज्यसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन शनिवार को भोपाल पहुंचीं। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मुलाकात की और चुनाव संबंधी तैयारियों पर चर्चा की।

इसके बाद वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं, जहां नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों की जानकारी ली।

हालांकि, उनके स्वागत के दौरान कांग्रेस कार्यालय में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली। स्वागत कार्यक्रम में सीमित संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके बावजूद पार्टी नेताओं ने दावा किया कि संगठन पूरी तरह सक्रिय है और चुनाव को लेकर सभी स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं।

नामांकन दस्तावेजों की तैयारी पूरी

मीनाक्षी नटराजन ने कांग्रेस के चुनाव आयोग कार्य विभाग के प्रभारी जेपी धनोपिया के साथ नामांकन संबंधी दस्तावेजों की समीक्षा भी की। पार्टी की ओर से नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राज्यसभा चुनाव केवल संसदीय प्रतिनिधित्व का मामला नहीं है, बल्कि यह आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन की एकजुटता और मजबूती का भी संकेत होगा। इसी कारण पार्टी इस चुनाव को पूरी गंभीरता और रणनीतिक तैयारी के साथ लड़ने में जुटी हुई है

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कमलनाथ, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जैसे नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह चुनाव केवल मीनाक्षी नटराजन का नहीं, बल्कि पूरे कांग्रेस संगठन की प्रतिष्ठा का प्रश्न है। अब सभी की निगाहें मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हैं, जो प्रदेश की राजनीति को नया संदेश दे सकते हैं।