क्या राजनीतिक रसूख मप्र में कानून से बड़ा हो गया है : सुश्री संगीता शर्मा

मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय पर लगे महिलाओं के शोषण, पद के दुरुपयोग और अन्य गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी बढ़ रही है।

क्या राजनीतिक रसूख मप्र में कानून से बड़ा हो गया है : सुश्री संगीता शर्मा

कांग्रेस प्रवक्ता बोली, एक ओर महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे, दूसरी ओर मालवीय पर गंभीर आरोप के बाद भी चुप्पी, क्या यही है “महिला सम्मान” का सच?

भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला न्याय को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा 29 अप्रैल को राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामला गरमा गया है। मातृ दिवस के अवसर पर इस मुद्दे ने और अधिक संवेदनशील रूप ले लिया है, जहां एक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं पूर्व सदस्य मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग सुश्री संगीता शर्मा ने अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि पूर्व सांसद एवं वर्तमान विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय पर महिलाओं के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार, यौन शोषण, पद के दुरुपयोग एवं अन्य आपराधिक कृत्यों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में की गई शिकायतों पर भी प्रभाव के चलते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

कांग्रेस प्रवक्ता एवं पूर्व सदस्य मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग सुश्री शर्मा ने कहा है कि 29 अप्रैल को विधिवत ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट प्रगति या जांच की स्थिति सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित पक्ष में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए दोष सिद्ध होने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई एवं संबंधित विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की बात दोहराई है।

इसके अतिरिक्त एक वृद्ध महिला की संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे का मामला भी उठाया गया है, जिसे कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।

मातृ दिवस के संदर्भ में संगीता शर्मा ने कहा है कि यदि एक पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता, तो महिला सम्मान के दावे खोखले साबित होते हैं। सुश्री शर्मा ने महामहिम राज्यपाल महोदय और शासन-प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।