विधायक बाबू जंडेल के विवादित बोल: बोले- “जो विधायक गद्दारी करेगा, वह अपने बाप का नहीं, वर्णशंकर औलाद है”राज्यसभा के लिए प्रदेश की तीसरी सीट पर घमासान

श्योपुर विधायक बाबू जंडेल के बिगड़े बोल, कांग्रेस की राज्यसभा सीट छीनने के लिए क्रास वोटिंग की जुगत भिड़ा रही बीजेपी

विधायक बाबू जंडेल के विवादित बोल: बोले- “जो विधायक गद्दारी करेगा, वह अपने बाप का नहीं, वर्णशंकर औलाद है”राज्यसभा के लिए प्रदेश की तीसरी सीट पर घमासान

श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया। विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने कहा, भाजपा को कांग्रेस की चुनौती है। हम पूरी तरह से तैयार हैं और हमारे ग्वालियर-चंबल संभाग के जितने भी विधायक हैं वह पूरी तरह से साथ हैं। कोई घबराने की जरूरत नहीं है। भाजपा को हमारा चैलेंज है। कांग्रेस के विधायक हमारी बहन मीनाक्षी नटराजन को जिताएंगे। जो विधायक गद्दारी करेगा वह अपने बाप का भी नहीं है वह वर्ण शंकर औलाद है. 

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। भाजपा जहां अपनी दो सीटों पर जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं तीसरी सीट पर भी मुकाबले को रोचक बनाने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस अपने प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए विधायकों को एकजुट रखने में जुटी है। इसी बीच कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का एक विवादित बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी कांग्रेस की चिंता

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि सभी विधायक एकजुट होकर उनके पक्ष में मतदान करेंगे। हालांकि, पिछले कुछ चुनावों में क्रॉस वोटिंग की घटनाओं को देखते हुए कांग्रेस किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

इसी उद्देश्य से कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक भोपाल में आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के अधिकांश विधायक शामिल हुए। बैठक में विधायकों को एकजुट रहने और पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने का संदेश दिया गया। हालांकि कुछ विधायक बैठक में समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

बैठक में देरी से पहुंचे बाबू जंडेल

श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल भी विधायक दल की बैठक में देरी से पहुंचे। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र भोपाल से लगभग 400 किलोमीटर दूर है, इसलिए उन्हें पहुंचने में देर हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह पार्टी के साथ हैं और कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के लिए काम कर रहे हैं।

जंडेल ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और भाजपा को कड़ी चुनौती मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि ग्वालियर-चंबल संभाग के कांग्रेस विधायक पूरी मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं और किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

मीनाक्षी नटराजन की जीत का किया दावा

बाबू जंडेल ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में जोरदार बयान देते हुए कहा कि पार्टी के विधायक किसी भी कीमत पर उन्हें जिताने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी जनप्रतिनिधि पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी बहन मीनाक्षी नटराजन को किसी भी हालत में जिताया जाएगा। कांग्रेस के विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और भाजपा की रणनीति सफल नहीं होने देंगे।”

क्रॉस वोटिंग को लेकर दिया विवादित बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान बाबू जंडेल ने क्रॉस वोटिंग के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो विधायक पार्टी के साथ विश्वासघात करेगा, वह अपने बाप का भी नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने आगे बढ़ते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति “वर्णशंकर औलाद” कहलाने योग्य है।

उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी दलों ने इसे असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

भाजपा पर भी साधा निशाना

बाबू जंडेल ने अपने बयान में भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के विधायकों में टूट का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसका यह प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के विधायक पूरी निष्ठा के साथ पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करेंगे।

जंडेल ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस के भीतर किसी प्रकार की टूट नहीं है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में है।

राजनीतिक गलियारों में छिड़ी बहस

जंडेल के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की निष्ठा को लेकर दोनों दलों में चिंता और सतर्कता बढ़ी हुई है। ऐसे में नेताओं के बयान भी लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।

हालांकि कांग्रेस की ओर से फिलहाल बाबू जंडेल के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके शब्दों को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

राज्यसभा चुनाव बना प्रतिष्ठा का सवाल

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाला चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। भाजपा जहां तीसरी सीट पर भी अपनी संभावनाएं तलाश रही है, वहीं कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखकर मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करना चाहती है।

इसी वजह से दोनों दलों के नेताओं के बयान लगातार राजनीतिक माहौल को गर्माए हुए हैं। बाबू जंडेल का ताजा बयान भी इसी सियासी गर्मी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसने चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है।