बीजेपी नेता संगीता रजक की गोली लगने से मौत, घर के बाहर विवाद शांत कराने निकली थीं; हादसा या कुछ और, पुलिस जांच में जुटी

जबलपुर में लाइसेंसी राइफल से गोली लगने के बाद बीजेपी नेत्री संगीता रजक की मौत हो गई है। राइफल का लाइसेंस देवर के नाम पर है। मर्ग कायम कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बीजेपी नेता संगीता रजक की गोली लगने से मौत, घर के बाहर विवाद शांत कराने निकली थीं; हादसा या कुछ और, पुलिस जांच में जुटी

जबलपुर में भाजपा नेत्री संगीता रजक की गोली लगने से अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें शुरुआती तौर पर यह एक हादसा प्रतीत हो रहा है।

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भाजपा की महिला नेता संगीता रजक की गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटनावश गोली चलने का बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। घटना शनिवार देर रात रांझी थाना क्षेत्र के न्यू शोभापुर इलाके में हुई। संगीता रजक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के ओमेगा अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 1 से 2 बजे के बीच संगीता रजक के घर के बाहर कुछ लोगों के बीच विवाद और गाली-गलौज हो रही थी। देर रात हो रहे शोर-शराबे की आवाज सुनकर संगीता रजक अपने पति बंटी रजक के साथ घर से बाहर निकलीं। दोनों ने बाहर मौजूद लोगों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल कुछ तनावपूर्ण हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि विवाद के बीच संगीता रजक वापस घर के अंदर गईं और अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर बाहर आईं। इसी दौरान हड़बड़ाहट और अफरा-तफरी के बीच उनके हाथ में मौजूद पिस्टल का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे उनके पेट में जा लगी। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़ीं और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

परिजन और स्थानीय लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर कर दिया। बाद में उन्हें हैदराबाद ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटनावश गोली चलने का प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देर रात घर के बाहर विवाद किस कारण से हो रहा था और उसमें शामिल लोग कौन थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले अज्ञात बदमाशों ने संगीता रजक के घर पर बम फेंके थे और उनकी कार में तोड़फोड़ की थी। इस घटना की शिकायत उनके पति बंटी रजक ने पुलिस में दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस पुराने विवादों और दुश्मनी के एंगल को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हालांकि अभी तक किसी साजिश या आपराधिक षड्यंत्र की पुष्टि नहीं हुई है।

संगीता रजक स्थानीय राजनीति में सक्रिय चेहरा थीं। उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली थी, लेकिन क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि वे आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों में भी जुटी हुई थीं और एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना रही थीं।

उनके पति बंटी रजक भी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वे विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के वीर सावरकर मंडल में उपाध्यक्ष पद पर भी कार्य कर चुके हैं और बूथ अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। दंपती क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं के रूप में जाने जाते थे।

संगीता रजक की अचानक हुई मौत की खबर से भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। उनके समर्थक इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं। कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है। साथ ही घटना के समय मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर हथियारों के सुरक्षित उपयोग और सावधानी की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं संगीता रजक की मौत ने उनके परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों को गहरा सदमा पहुंचाया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह पूरी तरह एक हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह भी मौजूद है।