BJP नेता के खिलाफ रेप केस दर्ज, खुदकुशी की चेतावनी के बाद हुई FIR,तो सड़कों पर उतरा 'सर्व समाज
मध्य प्रदेश के सतना जिले में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्मा गया, जब भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा पर दर्ज दुष्कर्म के मामले के विरोध में सर्व समाज के हजारों लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला झूठा और राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दर्ज किया गया है
सतना में प्रदर्शन, BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष पर दर्ज दुष्कर्म मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
सतना में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दर्ज रेप की रिपोर्ट के विरोध में गुरुवार को सर्व समाज ने एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने एसपी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सतीश शर्मा को एक षड्यंत्र के तहत फंसाने की आशंका जताई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रकरण की सच्चाई केवल पारदर्शी जांच से ही सामने आ सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि सतीश शर्मा दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। हालांकि, यदि यह एक साजिश है, तो साजिशकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने छेड़खानी के मामले में छह महीने बाद रिपोर्ट दर्ज होने पर संदेह व्यक्त किया, इसे जांच के दायरे में बताया।
इस प्रदर्शन में वरिष्ठ समाजसेवी अरुण तिवारी (खम्हरिया) के मार्गदर्शन और युवा समाजसेवी शंभूशरण दुबे के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रितेश त्रिपाठी, राजेश दुबे, विपिन त्रिपाठी, राजबहादुर मिश्रा, सचिन शुक्ला, शशांक सिंह बघेल, अजय सिंह बिस्ट, पंकज शुक्ला सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
आरोप- धमकाते हुए कहा, लाश जंगल में मिलेगी महिला का आरोप है कि पूर्व जिलाध्यक्ष ने चाय पीने के बहाने उनके घर में घुसकर जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया। महिला के अनुसार, शर्मा पिछले चार साल से लगातार धमकियां दे रहे हैं। वह कहते थे कि 'मेरी सरकार और सत्ता है, मेरा कुछ नहीं होगा और तुम्हारे जैसी की लाश जंगल में कटी मिलती है।' आरोपी ने छेड़खानी का विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। महिला का कहना है कि उसके बच्चे इन धमकियों के गवाह हैं।
सात माह पहले जब युवती ने ये आरोप लगाए थे, तब सतीश शर्मा की वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट्स भी वायरल हुए थे। इनमें पीड़िता को भेजे गए मैसेज शामिल थे। दोनों की एक सेल्फी भी सामने आई थी, जिस पर शर्मा ने कहा था कि यह सेल्फी एक पत्रकार वार्ता के बाद ली गई थी।
जिलाध्यक्ष ने कहा था- ब्लैकमेल कर रही अपने ऊपर लगे आरोपों पर सतीश शर्मा ने कहा था कि महिला से उधार दिए रुपए मांगे तो ब्लैकमेल करने लगी। 2023 में जब मैं जिलाध्यक्ष था, उस दौरान पार्टी कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान मेरी मुलाकात महिला से हुई थी।
इसके बाद एक दिन उसका फोन आया कि उसका आपरेशन होना है, मदद की जरूरत है। मैंने अपने मित्र से 25 हजार रुपए उधार दिला दिए। कई महीने बाद जब रुपए वापस मांगे तो उसने कहा- मैं पत्रकार हूं, महिला हूं, फंसा दूंगी।
पहले भी विवादों में घिर चुके पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा इससे पहले भी अश्लील चैटिंग की वजह से सुर्खियों में रहे हैं। पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से वॉट्सऐप पर उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद गणेश सिंह के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
सोशल मीडिया पर ये चैट के स्क्रीनशॉट्स वायरल हुए थे। महिला कार्यकर्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शर्मा पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था, लेकिन न तो पुलिस में शिकायत की और न ही किसी अन्य फोरम में मामला उठाया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस