उज्जैन वेदविद्या प्रतिष्ठान छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल : दूसरे के बिस्तर पर सोया मासूम तो अध्यापक ने बेरहमी से पीटा , वार्डन के खिलाफ FIR

उज्जैन के महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान से जुड़े एक आवासीय गुरुकुल में छात्र के दूसरे बच्चे के बिस्तर पर सोने की बात पर शिक्षक दत्तदास सेवड़े ने उसे बेरहमी से पीटा।

उज्जैन वेदविद्या प्रतिष्ठान छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल : दूसरे के बिस्तर पर सोया मासूम तो अध्यापक ने बेरहमी से पीटा , वार्डन के खिलाफ FIR

वीडियो में शिक्षक छात्र को डंडे से बेरहमी से पीटता नजर आ रहा है। इस दौरान छात्र दर्द से चीख रहा है, लेकिन टीचर लगातार उसे डंडे से पिटता जा रहा है। वीडियो परिसर के एक कमरे का बताया जा रहा है।

उज्जैन के महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान में अध्यापक द्वारा छात्र की छड़ी से पिटाई के मामले में शिक्षक के खिलाफ थाना चिंतामन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शनिवार को वेदविद्या प्रतिष्ठान का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अध्यापक और वार्डन की जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षक नाबालिग छात्र की छड़ी से जमकर पिटाई करते दिख रहे थे।

वेदविद्या प्रतिष्ठान की सामवेद राणायनीय शाखा के अध्यापक दत्तदास शेवड़े द्वारा विद्यार्थी को छड़ी से लगातार बुरी तरह पीटा जा रहा है। वीडियो में वेद की शिक्षा लेने वाले छात्र से अध्यापक दत्तदास शेवड़े दूसरे के बिस्तर पर सोने को लेकर सवाल-जवाब करते हुए उसकी पिटाई कर रहे थे। इस दौरान छात्र छड़ी की मार से चिल्ला रहा था।

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी, लेकिन जिम्मेदारों ने इस पर चुप्पी साध रखी थी। चिंतामन गणेश मंदिर रोड स्थित राष्ट्रीय आदर्श वेदविद्या परिसर के छात्रावास में रहने वाले बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद मासूम बच्चे ने थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

चिंतामन थाने के टीआई हेमराज यादव ने बताया कि नाबालिग के बयान और मेडिकल के बाद पुलिस ने बाल संरक्षण की धाराओं में कार्रवाई करते हुए धारा 115, 296 बीएनएस और 75 (82) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

देशभर से आते हैं छात्र, सख्त दिनचर्या

यह प्रतिष्ठान भारत सरकार के अधीन संचालित आवासीय संस्थान है, जहां वैदिक शिक्षा दी जाती है। देशभर से छात्र यहां अध्ययन के लिए आते हैं और परिसर में ही रहते हैं। छात्रों के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठना, संध्यावंदन करना और अनुशासन का सख्ती से पालन अनिवार्य होता है। इसकी जिम्मेदारी वार्डन और शिक्षकों पर होती है।