स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर दिखना चाहिए सुधार का प्रभाव - जिलाधिकारी
उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को गुणवत्ता सुधार के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति, बेहतर ओपीडी सेवाएं और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने पर जोर दिया।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और अस्पताल सेवाओं की समीक्षा
अनावश्यक रेफरल पर सख्ती, चिकित्सकों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देने पर जोर
स्वास्थ्य संस्थानों के साप्ताहिक निरीक्षण और साफ-सफाई व्यवस्था की निगरानी के आदेश
स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं सेवाओं की प्रगति का विस्तृत समीक्षा की, बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण, अस्पताल सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वित्तीय प्रगति तथा स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने, ओपीडी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से उच्च केंद्रों पर रेफर करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेफरल की प्रत्येक स्थिति का स्पष्ट कारण अभिलेखों में अंकित किया जाए, अन्यथा संबंधित चिकित्सक की जवाबदेही तय की जाएगी। मातृ स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा के दौरान प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, एएनसी जांच एवं संस्थागत प्रसव की प्रगति का परीक्षण किया गया। कम प्रदर्शन वाले ब्लॉकों एवं स्वास्थ्य इकाइयों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने तथा माइक्रो प्लानिंग के माध्यम से प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जहां बच्चों का टीकाकरण अधूरा है अथवा छूटे हुए लाभार्थियों की संख्या अधिक है। उन्होंने निर्देशित किया कि एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा ई-कवच पोर्टल पर सभी प्रविष्टियां समयबद्ध रूप से अद्यतन की जाएं। जिलाधिकारी ने नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कम वजन वाले बच्चों की नियमित निगरानी, स्तनपान प्रोत्साहन तथा गृह आधारित नवजात देखभाल सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयां समन्वित प्रयासों के माध्यम से शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए कार्य करें। परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, लाभार्थियों की प्रभावी काउंसलिंग करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम जनस्वास्थ्य सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसकी उपलब्धियों में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त बजट एवं व्यय की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लंबित भुगतान, पोर्टल अपडेट तथा वित्तीय प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। जिलाधिकारी ने सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं चिकित्साधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह स्वास्थ्य संस्थानों का अनिवार्य निरीक्षण करने, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, ओपीडी व्यवस्था एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा करने तथा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन केवल नियमित फील्ड निरीक्षण से ही संभव है और इसी आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरिनन्दन प्रसाद, एसीएमओ बीरेंद्र सिंह सहित चिकित्सक व सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस