पति ही निकला पत्नी का कातिल,घर में गला घोंटा, 50 किमी दूर पेट्रोल डालकर जलाया:बेटी से बोला- मां को डॉक्टर के पास ले जा रहा, तीन कहानियों से फंसा आरोपी

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जिस घटना को पहले एक कार हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल एक डॉक्टर पति की रची गई रोंगटे खड़े करने वाली मर्डर मिस्ट्री निकली.

पति ही निकला पत्नी का कातिल,घर में गला घोंटा, 50 किमी दूर पेट्रोल डालकर जलाया:बेटी से बोला- मां को डॉक्टर के पास ले जा रहा, तीन कहानियों से फंसा आरोपी

पत्नी की हत्या के बाद कार में जला दी लाश: सागर के चनाटोरिया कांड में डॉक्टर पति का सनसनीखेज खुलासा

मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बहुचर्चित कार अग्निकांड केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. बताया जा रहा है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी.

Sagar Car Fire Case: सागर के सानोधा में हुए बहुचर्चित कार अग्निकांड मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. जिस घटना को पहले सड़क हादसा और सीएनजी किट में आग लगने का मामला बताया जा रहा था. दरअसल, यह एक सुनियोजित हत्या निकली. इस मामले में मृतका के पति डॉ. नीलेश पटेल को मुख्य आरोपी बनाते हुए पुलिस ने उसे और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई जांच में सामने आया कि मृतका सीमा की मौत किसी दुर्घटना में नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या का परिणाम थी. आरोपी डॉ. नीलेश ने पूछताछ में कबूल किया कि उसका अपने ही पड़ोस में रहने वाली 25 वर्षीय युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. इस अवैध संबंध की जानकारी जब उसकी पत्नी सीमा को हुई, तो दंपत्ति के बीच लगातार विवाद होने लगे थे.

सोची-समझी साजिश रची

घरेलू कलह से परेशान होकर आरोपी ने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की रात डॉ. नीलेश ने पहले सीमा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद उसने इस अपराध को छिपाने और इसे एक हादसे का रूप देने के लिए सोची-समझी साजिश रची.

परजिनों ने दी झूठी जानकारी

आरोपी ने सबसे पहले मृतका के परिजनों को फोन कर झूठी जानकारी दी कि सीमा को अचानक हार्ट अटैक आया है और वह उसे अस्पताल लेकर जा रहा है. इसके बाद उसने अपनी क्लीनिक में काम करने वाले दो कर्मचारियों को साथ लिया और कार में आग लगाने की योजना को अंजाम दिया. तीनों ने मिलकर कार में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि यह घटना एक दुर्घटना प्रतीत हो.

विस्फोट से लगी आग

घटना के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए बयान दिया कि कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उसमें लगी सीएनजी किट में विस्फोट होने से आग लग गई. हालांकि, पुलिस को शुरुआत से ही इस कहानी पर संदेह था. मौके का निरीक्षण और फॉरेंसिक जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस की शंका को और गहरा कर दिया.

साजिश का खुलासा

जांच में पाया गया कि कार की अपेक्षा मृतका का शव अधिक बुरी तरह जला हुआ था, जो सामान्य दुर्घटना के मामलों से मेल नहीं खाता था. इसके अलावा, घटनास्थल और परिस्थितियों में भी कई विसंगतियां सामने आईं. इसके बाद पुलिस ने जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस ने डॉ. नीलेश पटेल सहित उसके दोनों सहयोगियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है, वहीं पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है.