जयवर्धन सिंह का सिंधिया पर तंज: किसानों के चक्काजाम से थमा हाईवे, नेपाल की बसें भी फंसी

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने चक्काजाम आंदोलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि “सिंधिया जी ने किसानों को प्याज की माला भेजी है।” आंदोलन के चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसमें नेपाल से आने वाली बसें भी फंस गईं। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया।

जयवर्धन सिंह का सिंधिया पर तंज: किसानों के चक्काजाम से थमा हाईवे, नेपाल की बसें भी फंसी

किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस का हाईवे पर चक्काजाम

ट्रैक्टर चलाकर धरना स्थल पहुंचे जयवर्धन सिंह

सिंधिया पर जयवर्धन का प्याज माला वाला तंज

हाईवे जाम में फंसी नेपाल से पुणे जा रही बस

इलाज के लिए इंदौर जा रहा परिवार घंटों परेशान

जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने नेशनल हाईवे-46 पर बड़ा चक्काजाम आंदोलन किया। गुना बायपास तिराहे पर हुए इस प्रदर्शन में गुना और अशोकनगर जिले से बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। करीब तीन घंटे तक चले आंदोलन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे जयवर्धन सिंह

पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह खुद ट्रैक्टर चलाकर धरना स्थल पहुंचे। उनके पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ गया और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारी किसानों ने हाईवे पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और यात्री वाहन घंटों फंसे रहे।

सिंधिया पर प्याज की माला वाला तंज

प्रदर्शन के दौरान जयवर्धन सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि “वैसे तो सिंधिया जी को किसानों की चिंता नहीं रहती, लेकिन आज चक्काजाम देखकर उन्होंने किसानों के लिए प्याज की माला भेजी है।” इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्याज की माला दिखाई, जिस पर मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

नेपाल से पुणे जा रही बस जाम में फंसी

चक्काजाम के कारण नेपाल से पुणे जा रही एक यात्री बस भी जाम में फंस गई। बस में सवार यात्री करीब दो घंटे तक परेशान होते रहे। नेपाल के बुटवल निवासी गोविंद पोखरे अपनी मां फूलमाया पोखरे को इलाज के लिए इंदौर ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी मां पैरालिसिस से पीड़ित हैं और नेपाल में उचित इलाज नहीं मिल पाने के कारण इंदौर जाना पड़ रहा है। उनका कहना था कि शाम 7 बजे अस्पताल में अपॉइंटमेंट था, लेकिन जाम के कारण समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया। परिवार ने सुबह से खाना तक नहीं खाया था।

शादी समारोह में जा रहा परिवार भी परेशान

हाईवे जाम के कारण एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा परिवार भी रास्ते में फंस गया। शिवपुरी की आरती अग्रवाल की शादी रूठियाई के संस्कार अग्रवाल से होनी थी। परिवार मेहंदी, फलदान और अन्य कार्यक्रमों के लिए जा रहा था, लेकिन जाम में फंसने के कारण सभी कार्यक्रम देरी से शुरू हुए।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

धरना स्थल पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर एडीएम, एसडीएम, एएसपी, सीएसपी समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही। प्रदर्शन निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन जयवर्धन सिंह के पहुंचते ही आंदोलन ने तेज रूप ले लिया।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान खाद, बिजली, पानी, फसल भुगतान और खरीदी व्यवस्था जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। नेताओं ने कहा कि मंडियों में तौल में कटौती, रिजेक्ट के नाम पर शोषण और भुगतान में देरी से किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने डीएपी और यूरिया खाद की कमी, ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलता और सीमित खाद वितरण व्यवस्था को किसानों के साथ अन्याय बताया। उनका कहना था कि “2 बीघा पर 1 कट्टा खाद” जैसी व्यवस्था छोटे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें ई-उपार्जन प्रक्रिया को आसान बनाना, ऑफलाइन विकल्प शुरू करना, गेहूं खरीदी का भुगतान 7 दिन के भीतर करना, फसल बीमा का समय पर मुआवजा देना और केसीसी ऋण अवधि बढ़ाना शामिल रहा।

इसके अलावा कांग्रेस नेताओं ने बिजली कटौती रोकने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने, किसान सम्मान निधि समय पर देने और मंडियों में पेयजल, छाया तथा तौल की बेहतर व्यवस्था की मांग भी उठाई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।