तकनीक होते हुए भी नाकाम पुलिस: मोबाइल चालू, लोकेशन मौजूद, फिर भी चाकूबाजी के आरोपी फरार
शुजालपुर में किस्त वसूली को लेकर कथित सीजिंग एजेंटों द्वारा दो सगे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मोबाइल फोन चालू हैं और लोकेशन उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस अब तक उन्हें पकड़ नहीं सकी है।
अजय राज केवट माही
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस
किस्त वसूली की दबंगई, सरेआम चाकूबाजी
दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार
कथित सीजिंग एजेंटों पर गंभीर आरोप
मोबाइल चालू, लोकेशन मौजूद, फिर भी गिरफ्तारी नहीं
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल
शुजालपुर सीजिंग एजेंट खुलेआम, पुलिस बेबस! किस्त वसूली को लेकर दो सगे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमला, आरोपी मोबाइल चालू होने के बावजूद गिरफ्त से बाहर
शुजालपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नज़र आ रही है। किस्त वसूली के नाम पर दबंगई इस हद तक बढ़ चुकी है कि दो सगे भाइयों पर सरेआम चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के आरोपी कथित सीजिंग एजेंट हैं, जो खुद को पुलिस का करीबी बताते हैं। आरोप है कि किस्त पहले ही जमा होने के बावजूद जबरन वसूली का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर दोनों भाइयों पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मोबाइल चालू, फिर भी गिरफ्तारी नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों के मोबाइल फोन अब भी चालू बताए जा रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस न तो उनकी लोकेशन ट्रेस कर पा रही है और न ही गिरफ्तारी कर सकी है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और मंशा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
जनता में बढ़ता डर
घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। दिनदहाड़े चाकूबाजी और फिर भी आरोपी खुले घूमना, आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
पुलिस की नाकामी या मिलीभगत?
लोगों के बीच चर्चा है कि क्या सीजिंग एजेंट होने के कारण आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है?
क्या पुलिस पर किसी तरह का दबाव है?
जब तकनीक मौजूद है तो मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई क्यों नहीं? प्रशासन से उठ रही मांग
पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
मोबाइल लोकेशन व CCTV के आधार पर सख़्त कार्रवाई की जाए
इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो
अगर समय रहते पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह साफ संदेश जाएगा कि शुजालपुर में कानून कमजोर और अपराधी मजबूत होते जा रहे हैं।
इनका कहना है,,,,
जब इस विषय में एसडीओपी निमेष देशमुख से फोन चर्चा करने का प्रयास किया गया तो उनकी व्यस्तता के कारण फोन नहीं उठा पाए
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस