मंत्री की नाराजगी पड़ी भारी: पटरी नहीं बैठने पर हटाए गए ईएनसी राणा, मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

मध्य प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा को एमपीआरडीसी भेजते हुए आरएल वर्मा को पीडब्ल्यूडी के ईएनसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

मंत्री की नाराजगी पड़ी भारी: पटरी नहीं बैठने पर हटाए गए ईएनसी राणा, मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

मंत्री की नाराजगी के बाद ईएनसी राणा पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद लिया गया बड़ा फैसला

नवंबर 2024 में संभाली थी प्रमुख अभियंता की जिम्मेदारी

मंत्री और अधिकारी के बीच बढ़ते रहे मतभेद

भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता (ईएनसी) केपीएस राणा को उनके पद से हटाकर मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में पदस्थ कर दिया गया है। उनकी जगह जबलपुर परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी मुख्य अभियंता आरएल वर्मा को लोक निर्माण विभाग का नया प्रभारी प्रमुख अभियंता बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार यह बदलाव विभागीय मंत्री राकेश सिंह की नाराजगी के बाद किया गया है।

बताया जा रहा है कि पिछले कई महीनों से विभागीय मंत्री और प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। विभागीय कामकाज और विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर दोनों के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे थे। स्थिति ऐसी बन गई थी कि मंत्री राकेश सिंह ने स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर राणा को पद से हटाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर दिए।

नवंबर 2024 में मिली थी जिम्मेदारी

केपीएस राणा को नवंबर 2024 में लोक निर्माण विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। विभाग में उनकी नियुक्ति के समय यह उम्मीद जताई गई थी कि वे विभिन्न विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को गति देंगे। हालांकि समय के साथ विभागीय स्तर पर कई मुद्दों को लेकर विवाद और मतभेद सामने आने लगे।

सूत्रों का कहना है कि मंत्री और प्रमुख अभियंता के बीच कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। विभागीय बैठकों में भी कई बार दोनों पक्षों के विचार अलग-अलग देखने को मिले। यही कारण रहा कि पिछले कुछ समय से राणा के स्थानांतरण की चर्चाएं लगातार चल रही थीं।

मुख्यमंत्री से की गई शिकायत

जानकारी के अनुसार, मंत्री राकेश सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर विभाग की स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन के लिए नेतृत्व स्तर पर बदलाव आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी मुख्य अभियंता आरएल वर्मा को प्रमुख अभियंता की जिम्मेदारी देने का सुझाव भी रखा।

मुख्यमंत्री ने मंत्री के प्रस्ताव पर सहमति जताई, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक आदेश जारी कर दिए। आदेश के अनुसार केपीएस राणा को आगामी आदेश तक प्रभारी प्रमुख अभियंता, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल के पद पर पदस्थ किया गया है।

आरएल वर्मा को मिली विभाग की कमान

विभाग द्वारा जारी आदेश में जबलपुर परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता आरएल वर्मा को लोक निर्माण विभाग का प्रभारी प्रमुख अभियंता नियुक्त किया गया है। आरएल वर्मा लंबे समय से विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि आरएल वर्मा वर्तमान में मंत्री राकेश सिंह के गृह जिले जबलपुर में पदस्थ हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि विभागीय स्तर पर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है।

विभाग में चर्चा का विषय बना बदलाव

ईएनसी जैसे महत्वपूर्ण पद पर हुए इस बदलाव की चर्चा पूरे विभाग में हो रही है। लोक निर्माण विभाग राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है, क्योंकि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य इसी विभाग के माध्यम से संचालित होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी और मंत्री के बीच बेहतर समन्वय होना आवश्यक होता है। जब शीर्ष स्तर पर तालमेल की कमी होती है तो उसका असर परियोजनाओं की गति और निर्णय प्रक्रिया पर पड़ सकता है। संभवतः इसी कारण सरकार ने नेतृत्व परिवर्तन का निर्णय लिया है।

सड़क विकास निगम में नई जिम्मेदारी

हालांकि केपीएस राणा को पद से हटाया गया है, लेकिन उन्हें किसी गैर-महत्वपूर्ण पद पर नहीं भेजा गया है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम भी राज्य की प्रमुख एजेंसियों में शामिल है, जो सड़क निर्माण और विकास परियोजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में राणा अब वहां अपनी सेवाएं देंगे।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह एक प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था है और सरकार ने दोनों अधिकारियों को उनकी क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

आगे की रणनीति पर नजर

आरएल वर्मा के प्रभारी प्रमुख अभियंता बनने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि वे विभागीय कार्यों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। राज्य में सड़क और भवन निर्माण से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। ऐसे में नए नेतृत्व के सामने इन परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने की चुनौती रहेगी।

वहीं, केपीएस राणा के स्थानांतरण को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि शासन और प्रशासन में बेहतर तालमेल कितना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल विभाग में हुए इस बड़े बदलाव को सरकार की प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है।