ग्लोबल मार्केट में टिकना है तो AI सीखना अनिवार्य; भारतीय टेक्सटाइल और MSME के लिए परिवर्तन की घड़ी— चम्पालाल बोथरा

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक AI प्रदर्शनी के संदर्भ में CAIT की राष्ट्रीय टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति के चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा के लिए AI सीखना और अपनाना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बताया कि AI से कुछ पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन साथ ही AI ऑपरेटर, डेटा एनालिस्ट और डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजर जैसी नई भूमिकाएँ भी तेजी से उभरेंगी

ग्लोबल मार्केट में टिकना है तो AI सीखना अनिवार्य; भारतीय टेक्सटाइल और MSME के लिए परिवर्तन की घड़ी— चम्पालाल बोथरा

ग्लोबल मार्केट में टिकना है तो AI सीखना अनिवार्य: चम्पालाल बोथरा

भारत मंडपम, नई दिल्ली की AI प्रदर्शनी से मिला स्पष्ट संदेश—डिजिटल इंटेलिजेंस ही भविष्य

रोजगार खत्म नहीं, बल्कि होगा ‘रूपांतरण’: अपस्किलिंग ही सफलता की कुंजी

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हालिया वैश्विक AI प्रदर्शनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था डिजिटल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी। Confederation of All India Traders (CAIT) की राष्ट्रीय टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति के चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा (जैन) ने संतुलित और यथार्थपरक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसके साथ चुनौतियाँ भी वास्तविक हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया—
AI से कुछ क्षेत्रों में नौकरी का स्वरूप बदलेगा और कुछ रूटीन कार्यों में कमी भी आएगी, लेकिन जो व्यापारी और युवा समय रहते स्वयं को अपस्किल करेंगे, वही वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक पाएंगे और नेतृत्व करेंगे।
*AI और रोजगार: वास्तविक स्थिति*
श्री बोथरा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कॉल सेंटर, डेटा एंट्री और दोहराव वाले प्रशासनिक कार्यों में AI के कारण छंटनी देखी गई है।
परंतु इसके समानांतर नई भूमिकाएँ भी तेजी से उभर रही हैं, जैसे—
   •   AI ऑपरेटर
   •   डेटा एनालिस्ट
   •   ऑटोमेशन सुपरवाइजर
   •   डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजर
   •   AI आधारित मार्केटिंग विशेषज्ञ
उन्होंने कहा कि यह दौर “नौकरी खत्म होने” का नहीं, बल्कि “नौकरी के रूपांतरण (Evolution)” का है।
*टेक्सटाइल और MSME के लिए अवसर और सावधानी*
भारत का टेक्सटाइल उद्योग कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। इस संदर्भ में AI निम्नलिखित परिवर्तन ला सकता है:
1.*जीरो-डिफेक्ट और क्वालिटी कंट्रोल*
AI आधारित सेंसर और विज़न टेक्नोलॉजी कपड़ों में सूक्ष्म दोष तुरंत पहचान सकती है, जिससे वेस्टेज घटेगा और गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप होगी।
2.*स्मार्ट स्टॉक और डिमांड फोरकास्टिंग*
AI यह अनुमान लगा सकता है कि किस यार्न, फैब्रिक या गारमेंट की मांग कब बढ़ेगी, जिससे व्यापारियों की पूंजी ‘डेड स्टॉक’ में फँसने से बचेगी।
*ग्लोबल ट्रेंड एनालिसिस*
अंतरराष्ट्रीय फैशन ट्रेंड और विदेशी खरीदारों की पसंद का डेटा-आधारित विश्लेषण कर निर्यात रणनीति और अधिक सशक्त बनाई जा सकती है।
*MSME के लिए डिजिटल पार्टनर*
कम बजट में डिजिटल मार्केटिंग, ग्राहक व्यवहार विश्लेषण और ऑनलाइन बिक्री रणनीति तैयार करना छोटे व्यापारियों के लिए संभव होगा।
श्री बोथरा ने कहा—
जो उद्योग केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहेंगे, उन्हें आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा में कठिनाई होगी। लेकिन जो AI को अपनाकर अपनी कार्यक्षमता बढ़ाएंगे, उनके लिए अवसर असीमित हैं।
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह किया कि छोटे शहरों और औद्योगिक क्लस्टरों में AI स्किलिंग सेंटर स्थापित किए जाएँ, ताकि श्रमिकों और युवाओं को नए कौशल प्रदान किए जा सकें।
AI कोई तात्कालिक बेरोजगारी की सुनामी नहीं है, बल्कि कौशल उन्नयन और आर्थिक मजबूती का संकेत है। यदि टेक्सटाइल और MSME क्षेत्र समय रहते तकनीक को अपनाते हैं, तो भारत वैश्विक बाजार में एक सशक्त आर्थिक शक्ति बन सकता है।