मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता मंजूर, किसानों को राहत—गेहूं-उड़द पर बोनस; ईंधन सप्लाई और जल गंगा अभियान पर भी मंथन

भोपाल में मंगलवार को डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) देने की मुख्यमंत्री की घोषणा का औपचारिक अनुसमर्थन किया गया।

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता मंजूर, किसानों को राहत—गेहूं-उड़द पर बोनस; ईंधन सप्लाई और जल गंगा अभियान पर भी मंथन

कैबिनेट ने गेहूं खरीदी पर पहली बार 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस स्वीकृत किया, जिससे समर्थन मूल्य 2625 रुपये हो गया. उड़द पर 600 रुपये बोनस देने का भी निर्णय लिया गया.

मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मोहन सरकार ने मध्य प्रदेश में 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते को पास कर दिया है. जबकि एमपी में चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर भी हरी झंडी मिल गई है. बताया जा रहा है कि ईंधन आपूर्ति के मामले में भी सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों के साथ चर्चा की है. उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी तरह से रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में दिक्कत नहीं होनी चाहिए. व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही. 

मध्य प्रदेश में मिलेगा 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता 

मध्य प्रदेश में मोहन सरकार ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के फैसले को औपचारिक अनुसमर्थन कर दिया है. जिसके बाद सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. जहां सैलरी में 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता अब बढ़कर आएगा. बता दें कि हाल ही में एमपी सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान किया था. जिसे अब कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है. 

पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस पर चर्चा 

मोहन मंत्रिपरिषद की बैठक में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की वजह से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को लेकर भी मंत्रणा हुई है. सीएम मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो. इसके लिए सभी तरह की आवश्यक तैयारियां की जाए और कालाबाजारी पर भी प्रमुखता से नजर रखी जाए. 

एमपी में चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान

मध्य प्रदेश में चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर भी मोहन कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिल गई है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से भी एमपी के इस अभियान को तारीफ मिली है. उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से इस मामले में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश में 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलने वाला है. जिसके जरिए जल संरक्षण की दिशा में काम किया जाएगा और ग्रामीण इलाकों में भी इस पहल का तेजी से स्वागत किया जा रहा है. 

गुड गवर्नेंस के लिए नई इंटर्नशिप योजना

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से इस योजना का संचालन किया जाएगा. हर ब्लाक में 15 युवाओं इससे जोड़ा जाएगा. इससे वो सरकार की योजनाओं जमीन स्तर का इम्पैक्ट और उसकी कठनाईयों को जानकारी एकत्रित करेंगे. 4865 युवा इंटर्न के रुप में काम करेंगे. नई योजना के तहत इन युवाओं के जरिए फीड बैक मिलेगा. पारदर्शी तरीके से चयन होगा. 1 साल के कॉन्ट्रैक्ट के तौर पर रखा जाएगा. 3 साल तक योजना की निरंतरता रहेगी. डैशबोर्ड और पोर्टल के माध्यम से निगरानी होगी. सरकार की हर योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है या नहीं यह सुनिश्चित किया जा रहा है. मध्यप्रदेश सुशासन की स्थापना की ओर सरकार आगे बढ़ रही है.

कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल नहीं हुए शामिल 

खास बात यह है कि मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में भी सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद सिंह पटेल शामिल नहीं हुए हैं. जबकि यह दोनों मंत्री पिछले कुछ बैठकों में भी शामिल नहीं रहे हैं. ऐसे में मंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर सियासी हलकों में चर्चा बनी रहती है. वही मुख्य सचिव अनुराग जैन भी फिलहाल छुट्टी पर चल रहे हैं. उनकी जगह अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राजेश राजौरा कैबिनेट बैठक में शामिल थे. वहीं कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के साथ चर्चा करते हुए टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को जीत की बधाई भी दी गई.