आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाईःआरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर शिकंजा,शाहपुरा स्थित स्कूल भवन किया अटैच
राजधानी भोपाल के मेंडोरी इलाके में दिसंबर 2024 में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद उगलने वाली इनोवा कार मामले में आयकर विभाग की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। इस प्रकरण में आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से जुड़ी एक और बड़ी संपत्ति पर शिकंजा कसते हुए आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई (BPU) ने शाहपुरा स्थित एक स्कूल भवन को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।
52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद मामले से जुड़ी जांच में बड़ी कार्रवाई, बेनामी संपत्ति मानकर सौरभ शर्मा की मां और सहयोगियों को नोटिस
मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग में बड़ा गबन उजागर होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 5 अधिकारियों और 5 निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि अधिकारियों ने प्राइवेट स्कूल संचालकों के साथ मिलकर कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा राशि में हेरफेर किया और कुल ₹26.50 लाख की धोखाधड़ी की।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, शिकायतकर्ता विजयकांति पटेल ने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र, जबलपुर के तत्कालीन नोडल अधिकारियों ने स्कूल संचालकों के साथ मिलकर 628 छात्रों के फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी भुगतान हड़प लिया। इसके तहत सरकारी स्कीम के तहत निशुल्क प्रवेश पाने वाले छात्रों की फीस का गबन किया गया।
घोटाला सन 2011 से 2016 के बीच हुआ। स्कूल संचालक स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी, आदर्श ज्ञान सागर, गुरु पब्लिक स्कूल, उस्मानिया मिडिल स्कूल और सेंट अब्राहम स्कूल शामिल हैं।
एफआईआर में जिला शिक्षा केंद्र के नोडल अधिकारी चंदा कोष्ठा, गुलनिगार खानम, अख्तर बेगम अंसारी, राजेंद्र बुधेलिया, डीके मेहरा और स्कूल संचालक मनीष असाटी, नसरीन बेगम, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद शमीम और मोहम्मद शफीक नामजद हैं।
पहले भी जब्त हो चुकी हैं कई संपत्तियां
आयकर विभाग का कहना है कि सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों से जुड़े मामलों में इससे पहले भी कई अचल संपत्तियों और बेनामी कारोबार को पीबीपीटी अधिनियम के तहत जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई उसी सिलसिले की कड़ी मानी जा रही है।
आधी रात में पकड़ी गई थी सोना–कैश से भरी इनोवा
गौरतलब है कि 18 और 19 दिसंबर 2024 की दरम्यानी रात भोपाल के मेंडोरी गांव में ग्वालियर आरटीओ से रजिस्टर्ड एक इनोवा कार लावारिस हालत में खड़ी मिली थी। कार चेतन सिंह गौर के नाम पर पंजीकृत थी। तलाशी के दौरान वाहन से 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए थे। जांच में आयकर विभाग ने पाया था कि यह संपत्ति वास्तव में आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की थी, जिसे रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के नाम पर छिपाकर संचालित किया जा रहा था।
आरटीओ के पूर्व करोड़पति कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेजों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है। इसमें ईडी कुछ नेताओं और अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से मशविरा मांगा है।
कैसे हुआ घोटाला
जांच में पता चला कि अधिकारियों और संचालकों ने एक ही छात्र का एडमिशन दो से तीन बार दिखाकर सरकारी भुगतान करवा लिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 25% कमजोर वर्ग के बच्चों को स्कूल में मुफ्त प्रवेश दिया जाता है और उनकी फीस सरकार द्वारा भरी जाती है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बड़े घोटाले की शुरुआत है और जांच अभी जारी है। विभाग के अन्य कर्मचारियों और संबंधित स्कूलों की अतिरिक्त संपत्तियों की भी पड़ताल की जा सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस