कांग्रेस ने वोट के लिए महात्मा गांधी का जोड़ा नाम, भगवान राम के नाम से नफरत करती है कांग्रेस : गोविंद सिंह राजपूत
भोपाल में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से शुरू की गई वीबी-जी रामजी योजना ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी है, जबकि मनरेगा में केवल 100 दिन का प्रावधान था और भुगतान 7 दिनों में होगा। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने मनरेगा पर कांग्रेस शासन की तुलना में कहीं अधिक बजट खर्च किया है।
महात्मा गांधी का प्रिय शब्द था राम
योजना में पारदर्शिता के लिए डिजिटल व्यवस्था
खाद्य मंत्री बोले— वीबी-जी रामजी योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी, मनरेगा में मिलते थे सिर्फ 100 दिन
भोपाल। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल वीबी-जी रामजी योजना है। यह योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करते हुए गांवों को समृद्ध बनाएगी। योजना के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, जबकि मनरेगा में केवल 100 दिन का काम मिलता था। नई योजना में भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाएगा।
गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर प्रवास के दौरान वीबी-जी रामजी बिल को लेकर मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल की तुलना में मोदी सरकार ने रोजगार योजनाओं पर कहीं अधिक खर्च किया है। मनरेगा में अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च किए गए। कांग्रेस के समय जहां 35 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था, उसे बढ़ाकर पहले 74 हजार करोड़ और अब सुधारों के साथ 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।
राज्य 60 दिन कर सकेंगे अधिसूचित
खाद्य मंत्री ने बताया कि नई योजना में राज्यों को 60 दिन अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है, जिससे बुवाई और कटाई जैसे कृषि के व्यस्त समय में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे मजदूरों को 125 दिन के अलावा खेती-किसानी में भी रोजगार मिलेगा।
कांग्रेस ने बार-बार बदले योजनाओं के नाम
गोविंद सिंह राजपूत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि रोजगार योजना का नाम 1980 में इंदिरा गांधी, फिर राजीव गांधी और बाद में नरेगा से मनरेगा किया गया। कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए महात्मा गांधी का नाम जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सैकड़ों संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार के सदस्यों पर रखे। इसके विपरीत प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री जैसे महापुरुषों को सम्मान दिया।
महात्मा गांधी का प्रिय शब्द था राम
खाद्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार भगवान राम के नाम से आपत्ति करते हैं, जबकि महात्मा गांधी का प्रिय शब्द राम था। राम मंदिर निर्माण के बाद भी गांधी परिवार और इंडी गठबंधन के नेता दर्शन के लिए नहीं गए। उन्होंने कहा कि योजना के नाम में राम को शामिल करने का विरोध करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल व्यवस्था
गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना में जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बायोमेट्रिक भुगतान और ग्राम सभा के माध्यम से सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार कानूनी अधिकार होगा। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांग और छोटे-सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पलायन रुकेगा, गांवों में बढ़ेगा रोजगार
उन्होंने कहा कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन बढ़ेंगे, पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। किसान, मजदूर और गांव—तीनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
अधोसंरचना और आजीविका का विस्तार
नई योजना में स्कूल भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाई, पशुपालन, मत्स्य पालन, नर्सरी और निर्माण सामग्री इकाइयों जैसे कार्य शामिल किए गए हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को व्यापक समर्थन मिलेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस