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Showing posts from April, 2021

कोविड अस्पताल व स्ट्रांग रूम का डीएम ने किया निरीक्षण

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  प्रशान्त तिवारी  (ललितपुर  न्यूज़)  जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने राजकीय पॉलीटेक्निक तालबेहट स्थित एल-1 हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, तालबेहट स्थित एल-2 हॉस्पिटल एवं स्ट्रॉग रूम, विकास खण्ड, तालबेहट का आकस्मिक निरीक्षण किया। एल-1 हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान इस हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों से पूछताछ कर उनके उपचार, दवा एवं ऑक्सीजन आपूर्ति, खान पान गुणवत्ता, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति एवं साफ सफाई आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उपस्थित चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतते हुए पूर्ण निष्ठा से कार्य सम्पादित किया जाये। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

पुलिया टूटने से अनाज से भरी ट्राली नाले में पलटी ,बड़ा हादसा होने से बचा,आठ साल में ही दम तोड गई पुलिया

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  प्रशान्त तिवारी   (ललितपुर  न्यूज़)। कस्बा पाली के पंड्या ना वार्ड नंबर 1 में पूर्व से क्षतिग्रस्त पुलिया टूटने से गेहूं से भरी हुई ट्राली नाले में पलट गई। बताते चलें कि पूरा मामला नगर पंचायत पाली का है। जहां नगर पंचायत पाली के पंड्या ना वार्ड नंबर 1 पर बाबा बावरी के पास बनी पुलिया टूट जाने से गेहूं से भरी ट्राली नाले में जा गिरी। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।पंड्या ना निवासी मनोज जयसवाल ने कि अपने ट्रैक्टर एवं ट्राली से अपने खेत पर बने हुए गोदाम से गेहूं लेकर अपने घर की तरफ आ रहे थे तो घर पहुंचने का एक ही मात्र रास्ता है।तो तभी ट्रैक्टर पुलिया पर से गुजर रहा था। और पुलिया अचानक टूट कर भरभरा कर गिर पड़ी जिससे भरी ट्रॉली जाकर नाले में पलट गई। गरी मत रही कि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई । बताते चले की पुलिया को बने हुए मात्र अभी 7 या 8 वर्ष हुए हैं ।पिछले वर्ष क्षतिग्रस्त होने की सूचना वार्ड वासियों द्वारा नगर पंचायत को दे दी गई थी परंतु नगर पंचायत द्वारा कोई भी किसी प्रकार की पुलिया में मरम्मत नहीं कराई गई। वार्ड वासियों का कहना है कि पुलिया में तीन सूती सरिया का उपयोग किया ग

लापरवाही : ग्वालियर में मात्र 100 मीटर दूर खड़ा था भरा टैंकर, अस्पताल में खत्म हो गई ऑक्सीजन और पांच ने तोड़ दिया दम

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  कमलाराजा चिकित्सालय में हुई घटना, सभी मृतक नॉन कोविड मरीज थे। लापरवाही के चलते हुई मौतें मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। परिसर में बने कमलाराजा चिकित्सालय में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच मरीजों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई अस्पताल से मात्र 100 मीटर ऑक्सीजन से भरा टैंकर खड़ा हुआ था।  दम तोड़ने वाले पांचों मरीज नॉन-कोविड थे और कमलाराजा की तीसरी मंजिल पर भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11 बजे जब ऑक्सीजन फ्लो कम होने लगा तो चिकित्सालय में अफरातफरी मच गई। जूनियर डॉक्टरों और नर्सों ने अंबू बैग और दूसरे वार्डों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर मरीजों की जान बचाने के प्रयास किए, लेकिन एक घंटे में तीन मरीजाें की सांसें टूट गईं।  मरीजों के परिजन हुए आग बबूला मरीजाें की मौत के बाद उनके परिजनों ने आपा खो दिया। उनका गुस्सा देखकर डॉक्टर और नर्स जान बचाकर वहां से भाग गए। हैरानी की बात है कि जयारोग्य परिसर में सुबह 8 बजे ही ऑक्सीजन टैंकर आ गया था, लेकिन 100 कदम दूर कमलाराजा को इसमें से एक टन भी गैस नहीं दी गई। जब मरीज मर रहे थे, उस वक्त टैंकर परिसर में ही खड़ा था

भारतीय दर्शन और मूल्यों के प्रसार में हनुमान जी के चरित्र का योगदान अनुपम – प्रो शर्मा भारतीय साहित्य और संस्कृति में हनुमान जी के चरित्र का विकास पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी

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  अर्चना शर्मा संपादक प्रखंड न्यूज़  व्यूज एक्सप्रेस भोपाल देश की प्रतिष्ठित संस्था राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना द्वारा हनुमान जयंती के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी भारतीय साहित्य और संस्कृति में हनुमान जी के चरित्र का विकास पर केंद्रित थी। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि डॉ. अनुसूया अग्रवाल, महासमुंद छत्तीसगढ़ थीं। प्रमुख वक्ता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कला संकायाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि प्राध्यापक डॉ दयानन्द तिवारी, मुंबई, वरिष्ठ हिंदी सेवी डॉ अखिल शुक्ला, जयपुर, प्रवासी लेखक श्री सुरेश चन्द्र शुक्ल शरद आलोक, ओस्लो, नार्वे, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती सुवर्णा जाधव, मुंबई, राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर प्रभु चौधरी थे। अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय मुख्य संयोजक प्राचार्य डॉक्टर शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे ने की। संगोष्ठी का सूत्र संयोजन डॉ लता जोशी मुंबई ने किया। मुख्य वक्ता विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और मूल्य दृष्टि के प्रसार में

दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब वकील ने कहा प्लीज ...एक आईसीयू बेड दिला दीजिए, कोर्ट ने खड़े कर लिए हाथ

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 नई दिल्ली- दिल्ली हाई कोर्ट में ऑक्सिजन और जरूरी दवाईयों की कमी को लेकर सुनवाई शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार की ओर से बुधवार कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि उसकी ओर से किस हॉस्पिटल को कितनी ऑक्सिजन दी गई। वही सुनवाई के दौरान आईसीयू बेड को लेकर हाई कोर्ट भी असहाय नजर आया। सुनवाई के दौरान जब एक वकील ने अदालत को अपने रिश्तेदार की स्थिति के बारे में बताया और जितनी जल्दी हो सके एक आईसीयू बेड की मांग की। अदालत ने कहा कि हमें इस समय आपके साथ सहानुभूति है, हम क्या करें अस्पताल में ICU बेड नहीं है। दिल्ली सरकार का कहना है कि हर हॉस्पिटल और सप्लायर को हर दिन अपने यहां स्टॉक का अपडेट देना होगा साथ ही यह भी बताना होगा कि उसे कितना ऑक्सिजन मिला। वहीं कोर्ट की ओर से यह पूछे जाने पर कि किसी हॉस्पिटल को फौरन ऑक्सिजन चाहिए उस पर क्या करेंग। सरकार की ओर से कहा गया कि इमरजेंसी कॉल के लिए 20 एमटी ऑक्सिजन रहेगा। मंगलवार ऑक्सिजन की कमी को देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि हॉस्पिटल को मिल नहीं रहा और लोगों से एक लाख रुपये ऑक्सिजन सिलेंडर के लिए मांगे जा रहे हैं। यह कैसी व्यवस्था है। पूरा सिस्टम फेल नजर आ

कोरोना से बचने के उपाय सीएमओ द्वारा धर्मगुरुओं से चर्चा........

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  विनोद सक्सेना  शुजालपुर  मुख्य नगरपालिका अधिकारी शुजालपुर द्वारा के रोना से निपटने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं इसी तारतम्य में नगर पालिका की पूरी टीम शहर के वार्डों में सैनिटाइज सफाई व्यवस्था पर ध्यान दे रही है ए आर आई सोहन जी प्रभारी एसआई मोहन जी परमार निरंतर शहर में भ्रमण कर सैनिटाइजर व्यवस्था देख रहे हैं आज नगर पालिका परिषद मैं सनातन धर्म गुरु से मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने चर्चा की तथा कोरोना से निपटने के लिए सभी की राय ली तथा सभी से सहयोग की अपेक्षा की इस पर धर्मगुरुओं ने कहा कि हम प्रशासन के साथ जो भी संभव होगा मदद करेंगे हम सब मिलकर कोरोनावायरस से निपटान गे तथा ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि सुजालपुर के साथ सांप पूरे जहान में इस महामारी से मुक्ति मिले मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुश्री निहारत सुलताना एसआई मोहन जी परमार सहित सभी धर्म गुरुओं ने नगर पालिका परिसर में आयोजित मीटिंग में हिस्सा लिया

गुजरात में आज से 5 मई तक आंशिक लॉकडाउन का ऐलान, जानिए क्या रहेंगी पाबंदियां

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  अंजना  मिश्रा गुजरात में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने आज से आंशिक लाकडाउन की घोषणा की है. राज्य के आठ महानगर व 29 शहरों में आज रात को आठ से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. इसके साथ ही आज यानि बुधवार रात से आगामी पांच मई तक मेडिकल, डेयरी, राशन, सब्जी-फल के अलावा सभी दुकानें, मॉल, मल्टीप्लेक्स, मंदिर, बगीचे, जिम, स्नानागार आदि बंद रहेंगे. इसके अलावे विविध तरह के समारोहों पर भी गुजरात सरकार ने रोक लगा दी है. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक में राज्य में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद ये फैसला लिया गया है. राज्य सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देश, चिकित्सकों और विविध संगठनों की सलाह के मद्देनजर सरकार ने 28 अप्रैल से पांच मई तक के लिए प्रदेश में आंशिक लाकडाउन की घोषणा करते हुए आवश्यक सेवाओं के अलावा सभी को बंद रखने का निर्णय किया. सार्वजनिक बस सेवा 50 फीसद यात्रियों के साथ संचालित होगी. विवाह समारोह में 50 लोगों की जबकि अंतिम संस्कार में 20 लोगों के शामिल होने की छूट दी गई है. आंशिक लाकडाउन के ब

बुधवार को करताना के बैंक ऑफ इंडिया शाखा में लोग कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते दिखाई दिए

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  करताना से, यशवंत राजपूत,,, कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस समय जब संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है तो लोगों को भी अधिक सावधानी की जरूरत है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोग अभी भी कोरोना को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।   ऐसी ही तस्वीर बुधवार को करताना के बैंक ऑफ इंडिया शाखा में दिखाई दी जहां लोग कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते दिखाई दिए एक दूसरे से कंधे से कंधा मिलाकर कर खड़े हुए थे देखा जाए तो बैंक प्रशासन की भी लापरवाही नजर आई, ना तो बैंक के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए चुने के गोले बनाए हुए थे ना ही टोकन देकर लोगों नंबर से बुलाया जा रहा था शहरों के मुकाबले गांव में बैंकों की व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमराई हुई है चिलचिलाती धूप में लोग घंटों अपने नंबर आने का इंतजार करते रहे  चौकी प्रभारी ने संभाला मोर्चा बैंक के बाहर लोगों की लगी भीड़ को देखकर ग्रामीणों द्वारा करताना चौकी प्रभारी अभिनाश पारदी को सूचना दी गई, चौकी प्रभारी के पहुंचते ही पहले तो लोगों में दूरियां बनवाई फिर बैंक कर्मचारियों से बोलकर लोगों को टोकन दिलवा कर नंबर से बुलाने को कहा,

कब खत्म होंगी लंबी कतारें?:सूरत में पहले अस्पताल, फिर श्मशान और अब डेथ सर्टिफिकेट के लिए लग रही लाइन, रोजाना 400 तक आवेदन आ रहे

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सूरत के अठवा जोन में डेथ सर्टिफिकेट के लिए रोज सुबह 9:30 बजे से लाइन लग रही है। ऐसे हाल कई जगह देखे जा सकते हैं, लेकिन सिविल अस्पताल अठवा जोन में है, इसलिए यहां लाइनें ज्यादा लंबी हैं।   अस्पतालों में एडमिट होने के लिए मरीजों की कतार, बॉडी लेने के लिए कतार, अंतिम संस्कार के लिए श्मशान में कतार, इंजेक्शन के लिए कतार और अब डेथ सर्टिफिकेट के लिए भी कतार लगने लगी है। ये हाल गुजरात की डायमंड सिटी सूरत का है, जहां सरकारी आंकड़ों के अनुसार तो कोरोना से रोज 25 से 28 मौंतें हो रही हैं, लेकिन हकीकत सबके सामने है। शहर के अठवा जोन में डेथ सर्टिफिकेट के लिए रोज सुबह 9:30 बजे से लाइन लग रही है। ऐसे हाल कई जगह देखे जा सकते हैं, लेकिन सिविल अस्पताल अठवा जोन में होने के कारण यहां लगने वाली लाइनें ज्यादा लंबी हैं। डेथ सर्टिफिकेट के फॉर्म देने वाले तुलसी भाई ने बताया कि मंगलवार को 300 से 400 फॉर्म बांटे गए। पिछले कई दिनों से यही हालात हैं। मौत का रजिस्ट्रेशन 21 दिन में कराने पर कोई पैसा नहीं लगता जन्म और मृत्यु का पंजीकरण 21 दिनों के अंदर नि:शुल्क होता है। उसके बाद 21 से 30 दिन में 2 रुपए और एक महीने से

नोएडा: रेमडेसिविर के लिए महिलाओं ने छुए सीएमओ के पैर, अधिकारी बोले- दोबारा आईं तो भेज दूंगा जेल

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  नोएडा सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में मंगलवार दोपहर तीन महिलाएं अस्पताल में भर्ती अपने मरीजों को रेमडेसिविर लगवाने के लिए भटक रही थीं। इस दौरान कार्यालय पहुंचे सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी के आगे तीनों महिलाएं पैर छूकर मरीजों को रेमडेसिविर लगवाने की गुहार लगाने लगीं, लेकिन सीएमओ उनकी रिपोर्ट लेकर आश्वासन देते हुए आगे बढ़ गए।  प्रदेश सरकार ने रेमडेसिविर जैसी दवाओं को बिलकुल कमी नहीं होने का जनता को आश्वासन दिया है, लेकिन हालात कुछ और हैं। नोएडा सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में मंगलवार दोपहर तीन महिलाएं अस्पताल में भर्ती अपने मरीजों को रेमडेसिविर लगवाने के लिए भटक रही थीं।  इस दौरान कार्यालय पहुंचे सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी के आगे तीनों महिलाएं पैर छूकर मरीजों को रेमडेसिविर लगवाने की गुहार लगाने लगीं, लेकिन सीएमओ उनकी रिपोर्ट लेकर आश्वासन देते हुए आगे बढ़ गए किसी ने इसका वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर वायरल कर दिया। जल्द ही ट्वीट व वीडियो ट्रोल होने लगा। लोगों ने जमकर भड़ास निकाली। ट्विटर पर अर्जुन गुप्ता ने लिखा कि मानवता त्याग कर झूठ बोलने में अव्वल सीएमओ महोदय कहते हैं कि किसी चीज की कमी नह

राज्य में 7 दिन के लॉकडाउन जरूरी, गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल

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  अंजना मिश्रा अहमदाबाद तथा सूरत में एंबुलेंस 108 की व्यवस्था पर भी जमकर सवाल खड़े किए। अदालत को बताया गया कि सरकार 108 के संचालन को लेकर गंभीर नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी के जवाब दो से असहमति जताई। अहमदाबाद।  गुजरात उच्च न्यायालय में प्रदेश में सरकार की ओर से कोरोना प्रबंधन के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने राज्य में 7 दिन के लॉकडाउन की मांग की। याचिकाकर्ता के वकील शालिन मेहता ने कहा कि महाराष्ट्र में लॉकडाउन लागू किए जाने के बाद कोरोना संक्रमण के केसों में कमी देखी गई है तथा गुजरात में भी कोरोना महामारी की बिगड़ती हालत को देखते हुए 7 से 8 दिन का लॉकडाउन जरूरी है। व्यवस्था पर भी जमकर सवाल खड़े किए  इससे पहले प्रदेश में खासकर अहमदाबाद तथा सूरत में  एंबुलेंस 108 की व्यवस्था पर भी जमकर सवाल खड़े किए गए। 108 की संचालन की व्यवस्था को लेकर शहर के लोगों में तथा मीडिया में भारी नाराजगी देखी गई। अदालत को बताया गया कि सरकार 108 के संचालन को लेकर गंभीर नहीं है। 108 एंबुलेंस की सभी गाड़ियों को सिविल अस्पताल में भेजने के कारण वहां 50

COVID relief: सरकार ने उद्यमों को दी अनुमति, 31 मई तक कर सकेंगे अपने मासिक GST रिटर्न को EVS के जरिये वेरीफाई

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  वर्तमान में, उद्यमों को मासिक रिटर्न फाइल करने के लिए जीएसटीआर-3बी फॉर्म को डिजिटली साइन करने और कर जमा करने की जरूरत होती है। नई दिल्‍ली।  सरकार ने उद्यमों को 31 मई तक भरे जाने वाले मासिक जीएसटी रिटर्न को इलेक्‍ट्रॉनिक वेरीफिकेशन कोड के जरिये वेरीफाई करने की अनुमति प्रदान की है।  केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि कोई भी पंजीकृत व्यक्ति को 21 अप्रैल, 2021 से 31 मई, 2021 की अवधि के दौरान फॉर्म जीएसटीआर-3बी में रिटर्न और बाहर की गई आपूर्ति का ब्योरा फॉर्म जीएसटीआर-1 में देने की अनुमति होगी। इसका सत्यापन इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड (ईवीसी) के जरिये होगा। फिलहाल, कंपनियों को मासिक रिटर्न फाइल करने तथा कर भुगतान के दौरान जीएसटीआर-3बी फॉर्म पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर की जरूरत होती है। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि जीएसटी प्राधिकरण ने महामारी की दूसरी लहर में अंतत: कोविड संकट को देखते हुए  मासिक रिटर्न फाइल   के रूप में  पहली राहत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट करदाता 31 मई तक ईवीसी के जरिये मासिक अनुपालन फाइल क

बिहार के कई जिलों में भूकंप के झटके, धरती हिली

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  पटना . बुधवार की सुबह बिहार के कई जिलों में भूकंप (Bihar Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए. सुबह में लोग अभी जागे ही थे कि उनको धरती हिलने का अहसास हुआ. भूकंप के ये हल्के झटके बिहार के मुंगेर, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, पूर्णिया, खगड़िया समेत कई इलाकों में लोगों महसूस किया है. बिहार में भूकंप के झटके सुबह करीब 7:55 के आसपास आये हैं. कटिहार में भूकंप के झटके के कारण लोग घर से दौड़ कर बाहर निकले. हालांकि राहत की बात ये रही कि ये झटके बेहद कम समय के लिए लोगों ने महसूस किया. जब तक लोग यह समझ पाते कि झटका भूकंप का है तब तक यह कंपन खत्म हो चुका था. सुबह में आये भूकंप के झटके उत्तर बिहार के जिलों में अधिक महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटकों के बाद एहतियात के तौर पर लोग काफी देर तक अपने घरों के बाहर ही रहे.

भारतीय बेवजह भाग रहे अस्पताल, WHO बोला- 15 फीसद से भी कम को ऑक्सीजन की जरूरत, दी ये नसीहत

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  ।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने कहा है कि भारत में लोग बेवजह अस्पताल भाग रहे हैं। जबकि उनका इलाज आसानी से घर पर ही हो सकता है। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर बेतहाशा भीड़ बढ़ने से भी वैश्विक महामारी कोविड-19 का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। डब्लूएचओ के प्रवक्ता तारिक जासेरवेक ने मंगलवार को कहा कि भारत में से कोरोना से मौत की तादाद दो लाख के पार जा चुकी है। इसके बावजूद अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है और मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड भी नहीं हैं। डब्लूएचओ अब भारत को अहम उपकरण और सामग्रियों की आपूर्ति कर रहा है। इसमें चार हजार ऑक्सीजन कांसेंट्रेटर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 से संक्रमित 15 फीसद से भी कम भारतीयों को असलियत में अस्पताल में देखभाल की जरूरत है। और इससे भी कम भारतीयों को ऑक्सीजन की आवश्यकता है।' जासेरवेक ने कहा कि मौजूदा समय में समस्या का बड़ा कारण यह है कि हर कोई अस्पताल की ओर भाग रहा है। (ऐसा इसलिए भी है क्योंकि उनके पास कोई जानकारी या उचित सलाह नहीं है।) ऐसा तब है जब कोरोना के मामूली लक्षणों वाले संक्रमण को आसानी से अपने घर पर रहकर ही

सूरत में 28 अप्रेल से 5 मई तक कपड़ा मार्केट बंद,बिगड़ते हालात को देखते हुए

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अंजना मिश्रा - गुजरात ब्यूरो संवाददाता  सूरत में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर प्रशासन की हालत ख़राब हो गई है। सूरत शहर और दक्षिण गुजरात की होस्पिटल में को ऑक्सीजन की कमी ने प्रशासन की नींद हराम कर दी है। कहीं बेड नहीं तो कहीं ऑक्सीजन नही। सरकार की लाख कोशिश के बाद भी ज़रूरतें बढ़ती जा रही है और संशाधन कम साबित हो रहे है। सिर्फ़ सूरत ही नहीं राज्य के कई शहरों में स्थिति बिगड़ रही है। इसके चलते राज्य सरकार की ओर से मंगलवार सबेर कई कड़े निर्णय लिए गए। इसी श्रृंखला में आगे बढ़ते हुए सूरत के कपड़ा बाज़ार में भी 28 अप्रेल से 5 मई तक बंद का फ़ैसला किया गया है। इस दौरान कपड़ा मार्केट की सभी दुकानें बंद रहेंगी। कपड़ा व्यापारियों की संस्था फोस्टा के प्रमुख की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। इसके पहले भी कपड़ा मार्केट में शनिवार और रविवार को बंद रखा जाता था। सूरत में जिस तरह से परिस्थिति बिगड़ रही है उसके कारण शहर में रोज दो हज़ार के क़रीब कोरोना संक्रमित आ रहे है साथ ही 20 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। स्मशान घाट पर दाहविधि के लिए भी लंबी क़तारें लग रही है। सूरत के

*सूरत सिविल अस्पताल का मुख्य गेट बंद, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन की कमी*

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सूरत शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण निजि अस्पतालों में बेड मिलना मुश्किल होने से मरीज सरकारी सिविल अस्पताल की ओर आ रहे है मगर सिविल में वेन्टिलेटर तथा ऑक्सिजन की कमी के कारण मुख्य गेट को बंद कर सिक्युरीटी गार्ड को तैनात कर दिया इमरजेन्सी मरीजों के लिए अन्य गेट चालु है। दक्षिण गुजरात के सबसे बडे सरकारी अस्पताल कि‌ स्थिति देखकर कोरोना के मरीजों तथा उनके स्वजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड रहा है। सूरत सिविल अस्पताल में पिछले दो महिनो से लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में वृध्दि हो रही है।सिविल अस्पताल में पुरानी बिल्डींग तथा स्टेमसेल अस्पताल में शुरू किए गए कोविड अस्पताल की केपीसीटी पुर्ण हो जाने पर नवनिर्मित किडनी अस्पताल को भी कोविड अस्पताल बना दिया है। तीनो बिल्डींगों में 1100 से अधिक कोरोना मरीज भर्ती है। अस्पताल में बेड तो है मगर स्टाफ की कमी, वेन्टिलेटर, ऑक्जिन की कमी के कारण मरीजों को चिकित्सा प्रदान करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड रहा है। जो स्टाफ है वह लगातर अगल अगल शिफ्ट में काम कर रहे है। सोमवार सूबह अचानक सिविल अस्पताल के मुख्य गेट को बंद करके स

सूरत एक प्रेमी ने दूसरे प्रेमी युवक को लगाया मौत के घाट मसाज पार्लर में काम युवती के चक्कर में*

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  सूरत शहर  में पिछले काफी समय से आए दिन हत्या के मामले सामने आ रहे है। कोरोना महामारी के बाद से ही मानो इसमें और भी ज्यादा उछाल आ गया हो। इन सभी हत्या के मामले में एक और केस दर्ज हो गया है। जब स्पा में काम करने वाली एक लड़की के प्रेम में पागल एक युवक ने डिंडोली में उसी के अन्य प्रेमी को जान से मार देने की कोशिश की। डिंडोली में हुये हत्या के प्रयास की घटना सामने आने से पूरे इलाके में हलचल मच गई है  पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुना-बॉम्बे मार्केट रोड पर हरीधाम सोसायटी में रहने वाले रोबिन उर्फ गोविंदा मोहन जयसवाल पुना पाटिया स्थित रेशमा रो हाउस के पास ही न्यू लुक नाम का स्पा और मसाज पार्लर चलाते हैं।इस स्पा में आशा नाम की एक बंगाली लड़की भी काम करती है। आशा और रोबिन का पिछले काफी समय से प्रेम संबंध चल रहा था। इस दौरान ज्ञानरंजन उर्फ पिकु जेना को भी आशा से प्यार हुआ था। जिसके चलते आशा के कारण ज्ञानरंजन और रोबिन के बीच में झगड़े होने लगे।    पिछली 24 तारीख की शाम को समाधान के बहाने ज्ञानरंजन ने रोबिन को डिंडोली के मार्क पॉइंट के पास बुलाया था। जहां पहले से ही ज्ञानरंजन के अन्य

सूरत फर्म हाउस में बारगर्ल के साथ मौज मस्ती करते रितेश मांगूकिया, किशन कोदरिया गिरफ्तार*

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सूरत मांगरोल के आसरमा में स्थित फार्म हाउस में  दो मिल मालिक मुंबई की बार गर्ल के साथ मौज मस्ती करते पकड़े गए। पुलिस ने फार्म हाउस में छापा मारकर सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने फार्म हाउस के मालिक और बार गर्ल बुलाने वाले के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार मांगरोल पुलिस क्षेत्र में आसरमा गांव की सीमा में ग्रीनविला फार्म हाउस में देह व्यापार के लिए मुंबई से बारगर्ल बुलाई गई है। यह जानकारी मांगरोल के हेड कांस्टेबल पहले अमित को मिली थी। जिसके अनुसार पुलिस ने देर रात आसरमा गांव में फार्म हाउस पर छापा मारा था। इस दौरान पुलिस ने मुंबई की बार गर्ल मुस्कान और सूरत के दो रईशजादे रितेश मांगुकिया और किशन रमेश कोदरिया को गिरफ्तार कर लिया।दोनों ही वराछा के निवासी हैं। दोनों ने यह बात स्वीकार की थी कि सूरत के राजू नाम के दलाल के माध्यम से इन्होंने कालगर्ल बुलाई थी। यह दोनों सडकमार्ग से सूरत आई थी। इसके बाद उसे ग्रीनविला फार्म हाउस ले जाया गया। सूरत के परेश कोटरिया के फार्म हाउस में एक रात के लिए 2000 रूपए किराया लिया जाता। रितेश और किशन सूरत कामरेज तथा लसकाना में ट

भक्ति भाव से घरों में मनाया हनुमानजी का जन्मोत्सव

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  प्रशान्त तिवारी   (ललितपुर  न्यूज़)वैश्विक महामारी के बीच श्रद्धा से भक्तगण ने घर पर ही रह कर भगवान श्री राम भक्त हनुमान का जन्म महोत्सव सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनाया ।मंदिरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भगवान श्री राम भक्त हनुमान का जन्म महोत्सव मनाया गया एवं भक्त गणों ने संकट मोचन हनुमान जी महाराज से प्रार्थना करी कि इस भयंकर कोरोना महामारी से देशवासियों की रक्षा करें और जल्द से जल्द इस महामारी से देशवासियों को निजात मिले।

कोविड-19 की जांच के लिए अधिक नहीं वसूल सकेंगी निजी प्रयोगशालाएं

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  प्रशान्त तिवारी   (ललितपुर  न्यूज़) जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार की अध्यक्षता में जनपद के कोविड-19 कोर कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट पार्क में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम विगत 24 घंटे के कोविड परिणामों पर चर्चा हुई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन में आरआरटी टीम अनिवार्य रूप से विजिट करें, यदि ऑक्सीजन की आवश्यकता हो तो उपलब्ध कराएं, साथ ही कितने परिवारों से सम्पर्क किया है उसकी सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रतिदिन ब्लॉकवार टीकाकरण की संख्या व अवशेष संख्या का डेटा उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा अनुभाग-5 के कार्यालय ज्ञाप 13 अप्रैल 2021 द्वारा निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस के संक्रमण की आर.टी.पी.सी.आर. जांच हेतु ली जाने वाली फीस की अधिकतम धनराशि निर्धारित की गयी है। वर्तमान में निजी प्रयोगशालाओं द्वारा आर.टी.पी.सी.आर. जांच के अतिरिक्त एंटीजन, ट्रू-नॉट व सीबीनॉट के परीक्षण भी किए जा रहे हैं, इनके मूल्यों का वर्तमान परिस्थिति में मूल्य निर्धारण किया जाना आवश्यक है।

कोविड अस्पतालों में स्थापित कक्षों का गहनता से किया जाये सत्यापन : डीएम

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  प्रशान्त तिवारी  (ललितपुर  न्यूज़)  जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने मा.कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरधा एवं स्ट्रॉग रूम, विकास खण्ड बिरधा का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डा.डी.के.गर्ग, सीएमएस डा.अमित चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.हरेन्द्र चौहान अपने स्टॉफ के साथ उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में कोविड-19 के मरीजों के उपचार हेतु स्थापित कक्षों एवं व्यवस्थाओं का गहनता से भौतिक सत्यापन किया गया। कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों हेतु स्थापित जांच केन्द्र पर उपस्थित व्यक्तियों से जांच में लगने वाले समय एवं व्यवस्था की पूछताछ की गयी। मौके पर व्यक्तियों के आवागमन एवं जांच हेतु कतारों के लिए वैरिकेटिंग की जाना पाया गया।

दस वैन्टीलेटर हर हालत में ललितपुर बालों को रिजर्व

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 प्रशान्त तिवारी (ललितपुर  न्यूज़)  कोविड संक्रमण की समस्याओं को लेकर प्रशासन के साथ बैठक के उपरान्त लौट कर भाजपा कार्यालय में वेन्टीनेटर समीक्षा के दौरान सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि ललितपुर में स्टाफ उपलब्ध न होने से ललितपुर के आकस्मिक मरीजों हेतु दस बैन्टीलेटर झांसी में सिर्फ ललितपुर के मरीजों हेतु भेजे गये है जो हर हालत में ललितपुर के मरीजों के लिए रिजर्व रहेंगे ही, इसके अलावा अन्य मरीजों को सुविधा अनुसार और उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होंने कहा इस समय ललितपुर के छप्पन मरीज मैडीकल कालेज में भर्ती हैं जिनमें सत्तरह लोगों को बैन्टीलेटर उपलब्ध है। इसके अलावा अन्य जगह से प्रशिक्षित स्टाफ को ललितपुर लाने की व्यवस्था की जा रही है और होते ही ललितपुर के वैन्टीलेटर चालू कर दिये जायेंगे।

ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए अदाणी ग्रुप ने दुनियाभर से सार्थक पहल की शुरुआत

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  अंजना मिश्रा - रिपोर्टर देश के कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को आवश्यक मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए अदाणी ग्रुप ने दुनियाभर से सार्थक पहल की शुरुआत की है। 80 टन लिक्विड ऑक्सीजन के साथ 4 आईएसओ क्रायोजेनिक टैंक्स की पहली खेप दमन से मुंद्रा बंदरगाह रवाना कर दी गई है। इसके अलावा सऊदी अरब से लाइफ-सेविंग मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन के 5,000 सिलिंडर्स सुरक्षित कर रहा है। दुबई और भारतीय वायु सेना ने दुबई से लिक्विड ऑक्सीजन का परिवहन करने के लिए 12 अन्य तैयार क्रायोजेनिक टैंक्स को सुरक्षित करने के लिए अदाणी ग्रुप के साथ भागीदारी की है। भारतीय वायु सेना इनमें से छह टैंक्स को वायुमार्ग के माध्यम से भारत में स्थानांतरित कर रही है। ग्रुप गुजरात में शीघ्र वितरण के लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन की आपूर्ति की भी व्यवस्था कर रहा है। प्रतिदिन, इसकी कर्मचारियों द्वारा 1,500 सिलिंडरों को मेडिकल ऑक्सीजन से भरा जा रहा है, और उन्हें कच्छ जिले में जहां भी आवश्यकता है, वहां पहुंचाया जा रहा है।

सूरत कार में मिली जली लाश का हुआ पर्दाफाश बीमा पकाने के लिए रचा षड्यंत्र*

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  अंजना   मिश्रा गुजरात ब्यूरो  कुलदीप मौर्य सूरत संवाददाता सूरत शहर के कामरेज इलाके में से कार में से मिली हुई जली हुई लाश मिलने के मामले का एसओजी पुलिस ने पूरी घटना का पर्दाफाश कर दिया था। घटना के पीछे खुद हीरा व्यापारी का ही हाथ होने की बात सामने आई है। जहां अपना बीमा पास करवाने के लिए खुद हीरा व्यापारी ने ही किसी अनजान व्यक्ति का अपहरण कर उसको कार के साथ जला दिये होने की हकीकत पता चली है धला गांव की सरहद में नहर में क्रिएटा कार के अंदर एक पूरी तरह से जली हुई लाश मिल आई थी। कार के नंबर के हिसाब से जब पुलिस ने जांच की तो वह कार सूरत के योगी चौक इलाके में रहने वाले हीरा व्यापारी विशाल लक्ष्मण गजेरा की होने की बात सामने आई। जिसके बाद हीरा व्यापारी के घर गई, तो हीरा व्यापारी पिछले कई दिनों से गुम होने की बात उनके सामने आई।इस बारे में जांच करने पर उन्हें पता चला कि सरथाना पुलिस में परिवारजनों द्वारा इस बारे में पहले से ही शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। हालांकि कामरेज पुलिस के साथ इस जांच में जुड़े एसओजी पुलिस ने घटना के मूल तक पहुंची। जहां उन्हें पता चला की हीरा व्यापारी विशाल गजेरा राजकोट,

पूरे देश में फुल लॉकडाउन लगा देना चाहिए? जानिए क्या कहा एक्सपर्ट्स ने

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  देश में कोरोना का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के भयावह आंकड़े मिल रहे हैं. सोमवार को भारत में 3,52,991 नए मामले ने एक तरफ जहां देश की सरकार की तो वहीं विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पूरे देश में एक बार फिर से पूरी तरह से फुल लॉकडाउन लगा देना चाहिए तभी हम इस वायरस की श्रृंखला को तोड़ने में कामयाब होंगे और अब यही  एकमात्र तरीका है. जबकि कुछ अन्य जानकारों का मानना है कि देशव्यापी लॉकडाउन से परेशानी बढ़ जाएगी, हालांकि जहां इसका प्रसारण ज्यादा है वहां फुल लॉकडाउन जरूरी है. बता दें  ​​कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पिछले सप्ताह राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि देशव्यापी या राज्यव्यापी तालाबंदी अंतिम विकल्प होना चाहिए, क्योंकि COVID दिशानिर्देशों का पालन करना केवल लॉकडाउन लागू करने से अधिक महत्वपूर्ण है. तो अब सवाल यह उठता है कि क्या कोविड श्रृंखला को तोड़ने का एकमात्र रास्ता है? क्या फुल लॉकडाउन कुछ ही क्षेत्रों में होना चाहिए? क्या लॉकडाउन लोगों की आजीविका को प्रभावित करेगा? इंडिया टुडे से बात करते हुए, पीएचए

खुद कोरोना फैला कर, कोरोना से बचा रहा था लोगों को

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  अंजना मिश्रा  सूरत. शहर के सिंगणपोर इलाके में एक अजीबो- गरीब मामला सामने आया है। एक कोरोना पॉजिटिव व्यापारी होम क्वारंटाइन का भंग कर ना सिर्फ बाहर निकलता था, बल्कि कोविड केयर सेन्टर में सेवा भी दे रहा था। मनपा अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोरोना कलस्टर जोन कतारगाम आंबातलावड़ी कृष्णा रेजिडेंसी निवासी व्यापारी जवेर मोहन डाभी का गत 20 अप्रेल को कोविड आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद उनकी पत्नी व परिजनों का भी आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया। वे भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। मनपा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया था। इस बीच सोमवार सुबह 11 बजे मनपा अधिकारी मुकेश टंडेल व उनकी टीम सुपरविजन के लिए उनके घर पहुंची तो जवेर डाभी घर पर नहीं मिले। मनपा टीम ने सोसायटी के प्रमुख वल्लभभाई से पूछताछ की तो पता चला कि वह बाहर गए हुए हैं। पूछताछ में मनपा की टीम को पता चला कि जवेर स्वयं कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद पाटीदार समाज की वाड़ी में बनाए गए कोविड केयर सेन्टर

कोरोना संक्रमण के भयंकर दौर में सरकार वीसी मीटिंग और इवेंट की फोटो के प्रचार प्रसार तक सीमित -* *सांसों के लिए कराहती व तड़पती जिंदगियों के साथ सरकार का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक और निर्दयतापूर्ण -* *नए खुले कोविड केयर सेंटर उद्घाटन और प्रचार-प्रसार के बाद तालों में बंद*

*  कोरोना संक्रमण के इस भयंकर दौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके मंत्री सिर्फ वीसी मीटिंग और इवेंट की फोटो के प्रचार प्रसार से अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की जनता ऑक्सीजन वेंटिलेटर इंजेक्शन अस्पतालों में बेड दवाइयां और इलाज के लिए तड़प रही है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक के रोज-रोज के नए नए इवेंट से मैदानी स्तर पर काम कर रहे प्रशासनिक अधिकारी अपना वास्तविक काम करने के बजाय इनकी आवभगत में लगे हुए। नए खुलने वाले सुविधा विहीन केयर सेंटर जनता को राहत पहुंचाने के बजाय सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।                   यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व पीसीसी सदस्य डॉ संदीप सबलोक ने भाजपा नीत प्रदेश की शिवराज सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके जिम्मेदार मंत्री धरातल स्तर पर मदद पहुंचाने की बजाय व्यवस्थाओं के नाम पर इवेंट बनाकर फोटो बाजी और प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। जिस कारण मैदानी स्तर पर काम कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों के काम अनावश्यक बाधा खड़ी हो रही है। संक्रमण से राहत दिलाने के नाम पर खोले गए अधिकांश क

हमीदिया में अव्यवस्था:अस्पताल की स्टाफ नर्स को पति की मौत होने पर सूचना तक नहीं दी, थर्ड फ्लोर से खुद पति का शव दोस्त की मदद से खींचकर लाया

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  हमीदिया की स्टाफ नर्स प्रीति गनवीर ने वीडियो जारी कर बताई आपबीती प्रदेश में कोरोना का संक्रमण के साथ ही मौतों के आकड़े लगातार बढ़ रहे है। इस बीच अस्पतालों में अव्यवस्था को लेकर मरीजों के हंगामे के मामले भी सामने आ रहे है। ऐसा ही एक असंवेदनशीलता का मामला राजधानी के हमीदिया अस्पताल का सामने आया है। यहां पदस्थ एक नर्स ने ही अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए गए है। हमीदिया अस्पताल में स्टाफ नर्स प्रीति गनवीर ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें प्रीति ने आरोप लगाया कि पहले उसे अस्पताल में भर्ती पति से मिलने से रोका। फिर मौत होने पर सूचना तक नहीं दी। हद तो यह है कि थर्ड फ्लोर से नर्स अपनी दोस्त की मदद से खुद पति का शव खींचकर ग्राउंड फ्लोर पर लेकर आई। हमीदिया अस्पताल के कार्डियक डिपार्टमेंट में प्रीति गनवीर स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ है। उनकी नौकरी को 7 साल हो गए है। प्रीति ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्होंने पिछले एक साल में कोविड वार्ड में कई बार ड्यूटी की है। पिछले सप्ताह 21 अप्रैल को वह अपने पति योगेश काले को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराने लेकर गई। वहां पर नर्सिंग इंचार्ज शोभा सिस्टर

शर्मनाक : जिला जज के अर्दली के शव को कुत्तों ने नोच डाला, हिंडन पर साढ़े तीन घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

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  हिंडन श्मशान घाट में सड़क किनारे बनाए गए अंतिम संस्कार के अस्थायी प्लेटफार्म पर अंत्येष्टि के इंतजार में रखे जिला जज के अर्दली के शव को कुत्तों ने नोच लिया।  गाजियाबाद के हिंडन मोक्ष स्थली श्मशान घाट पर नगर निगम की लचर व्यवस्था ने सोमवार को झकझोर कर रख दिया। हिंडन श्मशान घाट में सड़क किनारे बनाए गए अंतिम संस्कार के अस्थायी प्लेटफार्म पर अंत्येष्टि के इंतजार में रखे जिला जज के अर्दली के शव को कुत्तों ने नोच लिया।  अस्थायी अंतिम संस्कार के प्लेटफार्म की कोई फेंसिंग नहीं होने से कुत्ते कवर काटकर शव को नोच कर ले गए। इस घटना के बाद परिजनों के साथ अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे लोगों ने विरोध जताते हुए मोक्ष स्थली प्रबंधन से मामले की शिकायत की गोविंदपुरम निवासी जिला जज के अर्दली की रविवार देररात करीब डेढ़ बजे संतोष अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी। मौत के करीब साढ़े छह घंटे बाद तक परिजनों को एंबुलेंस नहीं मिली। कंट्रोल रूम के चक्कर लगाने के बाद सोमवार सुबह करीब आठ बजे हिंडन श्मशान घाट शव ले जाने के लिए एंबुलेंस मिली।  फिर हिंडन श्मशान घाट पर पहुंचने के साढ़े पांच घंटे के बावजूद अंतिम संस

सूरत के अस्पतालों में हुई ऑक्सीजन की किल्लत , करीब 4 हज़ार मरीज है भर्ती

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अंजना मिश्रा   - रिपोर्टर    गुजरात में भी कोरोना संक्रमण तेजी से कोहराम मचा रहा है. रोज आने वाले आंकड़े डरा रहे हैं, तो वहीं अब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की किल्लत भी सामने आने लगी है. गुजरात के सूरत में डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ एक रात के लिए ऑक्सीजन बची है, जबकि यहां चार हजार मरीज क्रिटिकल कंडीशन में हैं. ये रात गुजर गई है यानी आज के हालात काफी चिंताजनक माने जा रहे हैं. ये स्थिति तब है, जब गुजरात के लिए एक महीने में 13 गुना ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर 1000 टन कर दिया गया है.  कोरोना के दैनिक मामलों में दर्ज की जाने वाली वृद्धि के बाद गुजरात के अस्पतालों के सामने ऑक्सीजन को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. गुजरात में ऑक्सीजन की कमी को लेकर होने वाली परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑक्सीजन को लेकर हंगामा मचा हुआ है. सरकार के साथ साथ कई सामाजिक संगठन से जुड़े लोग कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन का सिलेंडर मुहैया करवा रहे हैं. गुजरात में सिर्फ एक महीने के दौरान ऑक्सीजन की खपत 13 गुना बढ़ गई है, जहां एक महीने पहले प्रति माह केवल 75 टन ऑक्सीजन का उपयोग किया जाता था, अब यह बढ़कर 1000 टन

सूरत के अस्पतालों में भी ऑक्सीजन का संकट, 2.25 लाख लीटर चाहिए लेकिन मिल रही सिर्फ 1.70 लाख लीटर

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  गुजरात के सूरत जिले में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है. सूरत में बड़े-बडे़ ऑक्सीजन प्लांट हैं, जिसके बावजूद शहर में ऑक्सीजन की किल्लत होना दुर्भाग्यपूर्ण है. ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे प्राइवेट अस्पतालों ने अपने यहां भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ट्रांसफर करने की चेतावनी दे दी है.  सूरत के सिविल हॉस्पिटल में प्राइवेट अस्पतालों के मरीजों को लेने से मना कर दिया है. जिले के प्राइवेट अस्पताल को डर है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते किसी मरीजों की मौत हुई तो उनके परिवार वाले अस्पताल में तोड़फोड़ ना कर दें. हालात ऐसे हैं कि ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं. जिलाधिकारी ने बताया है कि कहा नहीं जा सकता कि इसका समाधान कैसे निकलेगा. परिस्थितियां किसी के बस में नहीं हैं. डीएम का यह बयान और भी चिंता बढ़ाने वाला है. अगर जल्द ही ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की जान पर संकट खड़ा हो जाएगा. बता दें कि, ऑक्सीजन की कमी सूरत में पहले नहीं थी, लेकिन पिछले दो दिनों से यह समस्या खड़ी हो गई है कि